आत्मदाह करने वाले किसान की निगेहबानी में अंत्येष्टि। सहायता राशि सहित पट्‌टे पर दी जाएगी जमीन, शासन तक पहुंचा मामला, आरोपियों पर एक और मुकदमा।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

बदायूं। किसान किशनपाल द्धारा एसएसपी ऑफिस गेट पर आत्मदाह के मामले में दूसरे दिन गुरुवार को पुलिस ने बरेली में ही शव का पोस्टमार्टम कराया। जबकि इसके बाद सीओ सिटी की निगरानी में शव को गांव लाया गया। यहां पहले से ही एडीएम प्रशासन समेत अन्य अफसर तैनात थे। अफसरों ने आश्रितों को आर्थिक सहायता समेत पट्‌टे पर जमीन देने का ऐलान किया है। रसूलपुर गांव का माहौल बुधवार शाम से ही बदल गया। वजह थी कि किशनपाल नाम के किसान ने आत्मदाह की कोशिश की और उसे बरेली के निजी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। इसके बाद अफसरों का पूरा फोकस किसान पर सितम ढहाने वाले दबंगों पर था। पुलिस ने गांव भर में कांबिंग की और कई लोगों को हिरासत में लिया। नतीजतन रात तक सात नामजद पुलिस के कब्जे में आ गए। इधर, कछला गंगाघाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसकी तैयारी पुलिस ने पहले से ही कर ली थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने का एक और मुकदमा कायम किया है। यह मुकदमा किसान की पत्नी की तहरीर के आधार पर की गई है। वहीं फरार आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी सिटी प्रवीन सिंह चौहान ने बताया कि आत्महत्या को उकसाने का मुकदमा लिखा जा चुका है।

पूरा गांव पुलिस पीएसी के हवाले

पूरा गांव दोपहर से ही पुलिस व पीएसी के हवाले हो गया। गांव में छतों से लेकर सड़कों तक खाकी का पहरा था। एडीएम प्रशासन रितु पुनिया समेत सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार वहां जा पहुंचे। इधर, सीओ सिटी बरेली से शव लेकर गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। आग से जो आठ बीघा गेहूं की फसल जली थी। उसकी रिपोर्ट अब प्रशासन ने तैयार की है। ऐसा उन हालात में है, जब किसान आत्मदाह कर चुका है। कुल मिलाकर इस पूरे मामले की गूंज शासनस्तर तक पहुंची है। इधऱ्, अफसरों ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने का आश्वासन दिया है। ताकि आरोपियों को जल्द सजा मिल सके।

जान दी तब हुई कार्रवाई

किसान कई दिन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भटक रहा था। पूरा परिवार थाने से लेकर अफसरों तक के चक्कर लगा रहा था। बेटे ने बिलखते हुए बताया कि अब बुधवार को भी एसएसपी से उसे पुलिसकर्मियों ने नहीं मिलने दिया। जबकि दरोगा राहुल पुंडीर ने उनके खिलाफ झूठी रिपोर्ट आईजीआरएस पर लगाई थी। बोला कि पापा ने प्रशासन की ढिलाई के चलते मौत को गले लगाया है। बेटे का कहना है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई थी। इसी कारण घटना हुई है। ऐसे में उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा लिखा जाए।

उठने लगे विरोध के स्वर

गुरुवार को जन संघर्ष परिषद के कैंप कार्यालय पर संगठन की आकस्मिक बैठक हुई। जिसमें आत्मदाह करने वाले किसान किशन पाल के परिजनों के समर्थन में खड़े होने का निर्णय लिया गया। परिषद के अध्यक्ष अनिल कृष्णा ने कहा कि हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ पीड़ित परिजनों के साथ खड़े हैं। उनके साथ हुई ज्यादती की जांच निष्पक्षता से होनी चाहिए। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इसमें दोषी हों उन पर कड़ी कार्यवाही हो। उपाध्यक्ष राजीव वासुदेवन ने कहा कि किशनपाल के परिजनों को उचित मुआवजा अतिशीघ्र दिलाया जाए। इस अवसर पर गौरव सिंह ,बनवारी माथुर,मुनीश पाल,अमित वर्मा ,प्रदीप कुमार, शीशराम, प्रमोद यादव,अनंगपाल सिंह, प्रदीप गौतम आदि उपस्थित रहे।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

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