सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल, पानी का अधिक दोहन तो जान जाने का भी बना खतरा|

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्सम)

सरकार शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेयजल सप्लाई में सुधार को हैंडपंप लगवा रही है, वहीं कुछ ‘अपने’ ही इस व्यवस्था में छेद करने से बाज नहीं आ रहे।

बदायूं। एक ओर सरकार शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेयजल सप्लाई में सुधार को हैंडपंप लगवा रही है, वहीं कुछ ‘अपने’ ही इस व्यवस्था में छेद करने से बाज नहीं आ रहे। हाल ही के दिनों में तमाम ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें हैंडपंपों में ही सबमर्सिबल पंप लगा दिए गए। इससे न सिर्फ अनावश्यक जलदोहन हो रहा है। बल्कि जान के लिए खतरा भी बढ़ गया है, क्योंकि कई स्थानों पर करंट आने से लोगों की जान पर बन आई है। बावजूद इसके अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां बता दें कि पिछले महीने कौशांबी में एक मासूम छात्रा की मौत भी इसी तरह नल में आए करंट लगने के कारण हुई थी। गर्मी में पानी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में अधिकतर लोग सरकारी हैंडपंपों का उपयोग करते हैं, क्योंकि इसका बोरिंग अधिक गहरा होने की वजह से ठंडा और शुद्ध पानी मिल जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो पेयजल के लिए अधिकतर लोग सरकारी हैंडपंपों के भरोसे ही रहते हैं। इसके विपरीत जिले में कई गांवों में दबंगों ने सरकारी हैंडपंपों पर कब्जा करके मोटर लगा दी हैं तो उसका पैनल भी अपने घरों में लगा लिया है जिसके कारण बाहरी लोग इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, साथ ही इन हैंडपंपों पर मोटर लगे होने की वजह से करंट आने का डर भी हर समय बना रहता है।

अगर सरकारी स्कूलों की बात करें तो यहां पर हैंडपंपों में पहले मोटर नहीं हुआ करती थी, लेकिन पिछले तीन से चार साल के बीच में अधिकतर सरकारी स्कूलों में हैंडपंपों में मोटरों को फिट करवा दिया गया है। कुछ एक स्कूलों में करंट आने की शिकायत बच्चे अपने शिक्षकों से भी की जा चुके हैं।
कादरचौक। ब्लॉक क्षेत्र में 154 प्राथमिक व उच्च विद्यालय है। इनमें से बरौरा, सिवाया हामिदपुर, जलालपुर, कचौरा, किशूपुरा, कौआनगला, सुर्खा, बन्नेनगला समेत कुछ अन्य विद्यालयों में लगे सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल लगा दिए गए हैं। इससे इन स्कूलों के नलों में करंट आने का खतरा बना हुआ है। हालांकि अभी विद्यालय बंद चल रहे हैं, लेकिन जैसे ही स्कूल खुलेंगे, तो विद्यालय स्टाफ के लिए यह हैंडपंप दिक्कत पैदा करने के लिए काफी होंगे। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी

कौशांबी में जा चुकी है बच्ची की जान
एक माह पहले कौशांबी के सरकारी स्कूल में चार वर्षीय बच्ची की मौत हैंडपंप में करंट आने की वजह से हुई थी।

पंचायत सहायक, सचिवों से हैंडपंपों की जांच कराई जाएगी। अगर कहीं पर सरकारी नल पर किसी का कब्जा पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-अमर सिंह, बीडीओ कादरचौक

जिले के स्कूलों में इस तरह के कितने हैंडपंप है, इसकी जांच कराई जाएगी। उसके बाद में उच्चाधिकारियों से बात कर हल निकाला जाएगा।
-डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्सम)

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