कुख्यात गैंगस्टर दीपक बजाज की संपत्ति को पुलिस ने किया कुर्क।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
20 लाख की संपत्ति पर पुलिस प्रशासन ने जडा ताला, कुख्यात गैंगस्टर का बेटा पीलीभीत जेल से चल रहा है। फरार

बदायूं। खुलेआम कत्लेआम मचाने वाले गैंगस्टर देश दीपक बजाज की संपत्ति पर आखिरकार सिस्टम का ताला पड़ ही गया। दीपक बजाज पर कत्ल, जानलेवा हमला व रंगदारी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी हो चुकी है। इन्हीं वारदातों में उसका शार्गिद बना बेटा शशांक बजाज पीलीभीत जेल से फरार चल रहा है। जबकि दीपक भी फिलहाल पीलीभीत जेल में प्रशासनिक आधार पर शिफ्ट है। शहर के गांधी ग्राउंड चौराहा निवासी देश दीपक बजाज और उसका बेटा शशांक बजाज ने मिलकर शहर में साल 2012 से शहर में आतंक मचा रखा था। जहां इन शातिरों ने मेले में तहबजारी करने वाले ठेकेदार संजू गुप्ता को सरेआम चौराहे पर गोली मारकर घायल किया था। वहीं इसके बाद बक्सा व्यापारी सुभाष शर्मा के बेटे अमरदीप शर्मा समेत दो लोगों को गोलियों की बौछार करके घायल कर दिया था। जबकि इसके बाद फरार हो गए। एक मई 2015 की शाम इन शातिरों ने वापस लौटकर अमरदीप के पिता सुभाष शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों फिर फरार हुए और व्यापारी अतुल गुप्ता से 16 लाख की रंगदारी मांगी। पुलिस मुकदमे पर मुकदमे लिखी जा रही थी लेकिन शातिर पिता-पुत्र हाथ नहीं लग रहे थे। शातिर पिता-पुत्रों की गिरफ्तारी काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून से की थी। इसमें भी दोनों की पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। बदायूं जेल में शिफ्टिंग के दौरान इनकी गतिविधियां काफी संदिग्ध रहीं तो इन्हें अलग कर दिया गया। नतीजतन शशांक पीलीभीत जेल में शिफ्ट किया गया तो दीपक बजाज को बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया। दो वर्ष पहले शशांक को कोरोना हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं से वह फरार हो गया और अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
वर्ष 2020 में शशांक पीलीभीत से भागा था। इसकी खबर पर बदायूं पुलिस हिलकर रह गई। अमरदीप के परिवार समेत छह लोगों को गनर दिए गए। क्योंकि अफसरों को पता था कि शशांक यहां आकर फिर से खून-खराबा करेगा लेकिन शशांक अभी तक नहीं लौटा। कुछ महीने बाद अफसरों ने गनर वापस ले लिए। केवल अमरदीप के चाचा पुष्कर शर्मा के पास एक गनर है। क्योंकि वो हत्याकांड में गवाह हैं। हालांकि कभी-कभी गनर के स्थान पर होमगार्ड भी कोतवाली से भेजा जाता है। पुलिस प्रशासन ने शहर के छह सड़का से ढोल बजवाते हुए मुनादी शुरू कराई और पूरे बाजार में ढोल बजवाते हुए दीपक बजाज के घर तक पहुंचे। यहां उसके मकान समेत दुकान में अफसरों ने अपने ताले जड़ दिए और लौट आए। सीओ सिटी ने बताया कि लगभग 20 लाख रूपये की संपत्ति जब्त की गई है।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

