हत्या के मामले में दोषी को उम्रकैद। फास्ट ट्रैक कोर्ट से 20 साल बाद आया फैसला, 20 हजार जुर्माना।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984
बदायूं। थाना फैजगंज बेहटा निवासी की हत्या के मामले में कोर्ट ने हत्यारे को उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय सारिका गोयल ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20 साल बाद सजा सुनाई। घटना की रिपोर्ट फैजगंज बेहटा निवासी फईम खां ने 21 मई वर्ष 2002 को थाना इस्लामनगर में लिखाई थी। इसके मुताबिक, “वह फैजगंज से उर्स का मेला देखने निकला था। रास्ते में बस में सीट को लेकर हफीज निवासी मोहल्ला पछाया से झगड़ा हो गया था। रात को वह उर्स देख रहा था। इस दौरान वहां लगे मेले के गेट पर हफीज समेत उसके मोहल्ले के वसीम, इरफान और फुरकान ने उसे घेर लिया। हफीज के इशारे पर उसके तीनों साथियों ने फईम को दबोचा। “हफीज ने उसके सीने पर चाकू से प्रहार कर घायल कर दिया। घायलावस्था में वह थाने पहुंचा तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे मेडिकल के लिए भेजा। घटना के तीसरे दिन फईम की बरेली के निजी अस्पताल में दौरान इलाज मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने जानलेवा हमले का केस लिखा था। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम किया गया।
पुलिस ने तफ्तीश के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। हफीज और वसीम पुलिस के हाथ नहीं लगे थे। ऐसे में उनकी कुर्की के बाद मफरूरी में चार्जशीट हुई। अदालत ने इन दोनों की पत्रावली केस से अलग कर दी। जबकि फुरकान के उस वक्त नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल भी अलग की गई। इरफान के खिलाफ केस विभिन्न अदालतों में चलता हुआ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई को पहुंचा। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों समेत गवाहों के बयान के आधार पर इरफान को दोषी पाते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

