या हुसैन या हुसैन की हर तरफ गूंज रही है सदायें अलम का निकला जुलूस बक्शिश की तमन्ना हो तो अहलेबैत की मारेफ़त हासिल करो- मौलाना मो0 मुजतबा ” मीसम “
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
मारेफते अहलेबैत के बग़ैर मारेफ़त ए परवरदिगार मुमकिन नहीं -मौलाना हिलाल अब्बास बग़ैर करबला इस्लाम समझना मुमकिन नहीं – मौलाना रज़ा ज़ैदपुरी
बाराबंकी । मारेफते अहलेबैत के बग़ैर मारेफ़त ए परवरदिगार मुमकिन नहीं । । जो अद्ल से काम नही लेते ख़ुदा उन्हें पसन्द नहीं करता । यह बात इमामबाड़ा तकैया बेगम बेगमगंज बाराबंकी में अशरे की छठी मजलिस को ख़िताब करते हुएआली जनाब मौलाना हिलालअब्बास साहबने कही । मजलिस से पहले हाजी सरवर अली करबलाई ने नजरानए अक़ीदत पेश किए। मौलाना ने करबला वालों के मसायब पढ़े जिसे सुनकर अजादार रो पड़े। बानिये मजलिस मुतवल्ली सरवर अली रिजवी ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।
Related Posts

मजलिस का आग़ाज तिलावत से हुआ । सुबह साढे सात बजे मौलाना गुलाम अस्करी हाल में मजलिस को मौलाना अली अब्बास खान साहब ने ख़िताब किया । इमाम बाड़ा मीर मासूम अली कटरा मे असरे की छठी मजलिस को आली जनाब मौलाना जाबिर जौरासी साहब ने खिताब करते हुए कहा कि इत्तेबा ए अमीरल मोमनीन मोमिन की मेराज है। ऐसा किरदार अपनाओ हर तरह से पैरोकार ए अली नज़र आओ ।मजलिस का आग़ाज तिलावत ए कलाम ए पाक से हुआ।आखिर मे मौलाना ने मसायब पेश किए जिसे सुनकर मोमनीन रो पड़े ।आग़ा फ़य्याज मियांजानी के अजाखाने की छठवीं मजलिस को मौलाना फ़ैज़ान मेहदी जैदपुरी ने खिताब करते हुए कहा कि करबला में हुसैन अ ने कुरबानी पेश कर इंसानियत को ज़िन्दगी बक्शी । दीन पाने के बाद अगर बचाया नहीं तो शिम्र जैसा किरदार हो जायेगा। बग़ैर तकवे का इल्म इंसानी तबाही का जरीया होता है । जो हक और बातिल में फ़र्क नहीं जानते मौला ए कायनात की नज़र में मुर्दा हैं।डा0 मुहिब रिजवी और हाजी सरवर अली करबलाई ने नजरानए अक़ीदत पेश किए। वही रसूलपुर मे मोहसिन साहब के अजाखाने की मजलिस को आली जनाब मौलाना तसनीम हैदर साहब ने ख़िताब किया । करबला सिविल लाइन और रिफाकत रिजवी के अजाखाने मे मौलाना मो0 मुजतबा ” मीसम ” साहब ने मजलिस को ख़िताब करते हुए कहा कि बक्शिश की तमन्ना हो तो अहलेबैत की मारेफ़त हासिल करो। फ़र्शे अज़ा खुदा से मिलाने का बेहतरीन ज़रीया है। बन्दा जिन नेमतो का शुक्रिया अदा करता है खुदा उसमे बरकत अता कर देता है । डा 0 रज़ा मौरानवी, हाजी सरवर अली करबलाई ने नजरानए अक़ीदत पेश किए। इमाम बाड़ा जनाबे जैनब बेगमगंज में मजलिस को दानिश रिज़वी ने खिताब किया । मजलिस का ये सिलसिला बेगमगंज के बाद डाक्टर असद (मरहूम अतहर एडवोकेट)के अजाखाने में जहां मजलिस को मौलाना रज़ा ज़ैदपुरी ने खिताब करते हुए कहा बग़ैर करबला इस्लाम समझना मुमकिन नहीं ।इंसानियत को बचाने वाले को हुसैन कहते है।मजलिस का ये सिलसिला हैदर हाउस , कम्पनी बाग , लाइन पुरवा, रफी नगर, अस्करी नगर,बेलहरा हाउस , तकिया व पीर बटावन मे देर रात तमाम हुआ।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

