जबां को बन्द करो या मेरी कलम तोड़ो… मेरे ख्यालों को बेड़ी पिन्हा नही सकते।

अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24टाइम्स) 9936900677

अपनी ईमानदारी और कलम के दम पर वक़्फ़ खोरो के खिलाफ मुहीम चलाने वाले पत्रकार रिज़वान मुस्तफ़ा को फ़र्ज़ी मामले में किया गया कैद…अवाम बनी तमाशाई ? जी हां बात हो रही है….यूपी की राजधानी लखनऊ और बाराबंकी में वक़्फ़ खोर माफियाओं की नींद हराम करने वाले तहलका टुडे के सीनियर जर्नलिस्ट(सहाफी)  और कई बड़े अखबारों में काम कर चुके सैयद रिज़वान मुस्तफ़ा की। जिन्हें इस वक़्त शासन-प्रशासन की प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में वक़्फ़ की प्रॉपर्टी  बचाने की मुहिम को लेकर काफी नुकसान भी झेला, उनकी बाराबंकी की  दुकाने लूटी गयी, फ़र्ज़ी मुकदमे हुए। परिवार को परेशान किया गया…लेकिन इसके बावजूद भी  इमाम ज़माना (अ) की वक़्फ़ जागीर बचाने में लगे रहे।  यही नही इन्होंने कौम की  बहुत खिदमत की, और हर मौके पर सबकी मदद भी की, जो जग जाहिर है।

कौन है रिज़वान मुस्तफ़ा, क्या काम किया….

रिज़वान मुस्तफ़ा ने  बाराबंकी शहर की सबसे बड़ी कर्बला सिविल लाइन जो NH-28 मेन रोड पर मौजूद  है। इसकी 9 बीघा अराजी थी, जिसमे लगभग 7 बीघा भूमाफियाओं ने बेच दिया था। 2 बीघा कर्बला बची थी। उस पर भी वक़्फ़ खोरो की नज़र लगी थी। लेकिन रिज़वान साहब ने अपनी कमेटी के दम पर इस कर्बला को बचाया और यही नही इस कर्बला में जितना भी  तमीरी काम हुआ है। जैसे आगे- पीछे के बड़े गेट (जिसकी लागत लगभग 50 लाख रुपये ) , दोनो तरफ की बाउंडरी (10 लाख विधायक निधि से) , मजलिस हाल 3 हज़ार sq ft ( 30 लाख)
दरगाह पर तमीरी काम, हाई मास्क लाइट (सांसद निधि से 2 लाख कीमत की) , कर्बला के अंदर इंटरलॉकिंग सड़क ( सांसद निधि से 20 लाख  लागत) ,पानी के लिए दो हैंड पम्प, सबमर्सिबल….भूमाफियाओं को आगे की ज़मीन खाली करवायी..इसके अलावा  कई ओर तमीरी काम अपने दम पर करवाये है।  जिसकी वजह से आज वक़्फ़  कर्बला सिविल लाइन चमक रही है। और कौम आसानी के साथ इस मरकज में मजलिस, मातम,अज़ादारी कर रही है।

कर्बला की जमीनों से हटवाया अवैध कब्जे…

यही नही वक़्फ़ कर्बला  के पीछे बेशकीमती 80 हज़ार sq/Ft की ज़मीन को अपने दम पर बचाये हुए है। जिसकी कीमत आज की तारीख में 50 करोड़ के आसपास है। ये ज़िले में वक़्फ़ की सबसे कीमती ज़मीन है। यही नही कर्बला सिविल लाइन के आगे गेट पर फ़र्ज़ी दुकानदारों ने कब्जा कर रखा था। जिसमे आधे से ज़्यादा को रिज़वान ने उखाड़ फेंका। जिसमे कर्बला के मोमिनीन भी साथ मे थे। यही नही कर्बला की पीछे वाली जमीन  बेचने के लिए कुछ कौम के नाम निहाद और वक़्फ़ माफिया नज़रे गड़ाए हुए है। जो बहुत ही अफसोसनाक है। और वहां के लोकल मोमोनीन और उलेमा खामोश है।

वक़्फ़ अमजद अली खान की करोड़ो की संपत्ति माफियाओं से छुड़वाई

यही नही शहर के बीचों बीच वक़्फ़ अमजद अली खान की करोड़ो की ज़मीन पर वक़्फ़ खोर कब्जा किये हुए है। लाजपत नगर, बेगमगंज शाही मस्जिद के पास बनी अवैध मार्किट, गुरुद्वारा के सामने बनी अवैध मार्किट…. वक़्फ़ खोरो और माफियाओं ने अवैध रूप से बनवा ली। जिसकी कीमत भी करोड़ो में है। इसे बचाने के लिए मौजूदा वक़्फ़ कमेटी और रिज़वान मुस्तफ़ा ने  sdm से कह कर इन दोनों मार्किटों को गिरवाने का आदेश करवा दिया।

कैसे हुई गिरफ्तारी

यही नही जिस दिन रिज़वान साहब को गिरफ्तार किया गया, उस दिन सुबह- सुबह वक़्फ़ अमजद अली के मुतवल्ली सरवर रिज़वी साहब ने रिज़वान को इत्तेला दी कि कोतवली के सामने वक़्फ़ की ज़मीन पर स्लैप पड़ने वाली है। जिसकी खबर रिज़वान मुस्तफा ने तहलका पर चला दी और ट्वीट कर दिया,  हालाकि काम रुक गया, लेकिन भूमाफियाओं और पुलिस की साठगांठ सामने आ गयी।  और एक घण्टे बाद रिज़वान मुस्तफ़ा को  गिरफ्तार कर लिया गया।
वक़्फ़बचाने की मुहिम में रिज़वान मुस्तफ़ा को  वक़्फ़ खोरो ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर पुलिस -प्रशासन से  साठ- गांठ कर  गिरफ्तार  करवा दिया ।

फ़र्ज़ी मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार

जबकि  रिज़वान के ऊपर कोई फ्रॉड  या 420 का मामला नही है, बल्कि सिविल के एक फ़र्ज़ी उपभोक्ता फोरम सुल्तानपुर के मामले में फसा दिया गया ।..इस केस में उनका नाम भी नही था, उसमें फ़र्ज़ी तरीके से नाम डाल कर फसाया गया है।  जिसकी अपील हाई कोर्ट में चल रही है। यही नही उपभोक्ता फोरम को जेल में रखने की कोई पावर नही है। न ही ऐसा कोई कानून है। उसके बावजूद भी रिज़वान मुस्तफ़ा के साथ ज्यादती और जुल्म किया जा रहा है । और उनको फ़र्ज़ी मामले में कैद किया गया ।
जिसकी वजह से अब वक़्फ़ की जमीनों पर भूमाफिया फिर से कब्जा करने में लगे है।

गिरफ्तरी पर बदनाम करने की साजिश…

आपको ये भी बता दे कि कुछ लोगो ने रिज़वान मुस्तफ़ा पर इल्जाम लगाकर गिरफ्तारी पर उल्टे-सीधे मैसेज भी चलाया, जो सरासर झूठे और बेबुनियाद थे।  न रिज़वान मुस्तफ़ा के ऊपर कोई पैसे के लेन देन का मामला था, न कोई फ्रॉड या 420 का मामला था।  और रही बात इल्जाम लगाने की तो  बड़े से बड़े लोगो और उलेमाए कराम पर बेबुनियाद इल्जाम लागये गए…. तो रिज़वान मुस्तफ़ा क्या है!
लेकिन जीत सच की हुई।    जिसने इमाम जमाना की करोड़ो रूपये की वक़्फ़ प्रॉपर्टी को बचाया हो, कर्बला बाराबंकी में तमीरी काम करवाया हो…उस पर जुल्म हो और लोग तमाशा देखे। ये बहुत ही अफोसनाक है।

इज्जत और जिल्लत अल्लाह देता है

इज्जत और जिल्लत का बानी तो अल्लाह है। हक़ की लड़ाई में परवरदिगार  मौला हुसैन (अ) इमाम ज़माना के सदके में रिज़वान साहब को कामयाब करेगा। आरोप बेबुनियाद है। और जल्द कैद से बाहर होंगे। दुश्मन पस्त होगा।

अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24टाइम्स) 9936900677

 

 

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