केशव मौर्या को अखिलेश यादव का ऑफर- 100 बीजेपी विधायक तोड़कर लाओ, मुख्यमंत्री बन जाओ

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714

प्रदेश की योगी सरकार में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हमेशा निशाने पर लेने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर दिया है,अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बीजेपी के 100 विधायक तोड़कर लाने पर मुख्यमंत्री बनाने का लालच दिया है। अखिलेश यादव ने एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बिहार में हाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम से सबक लेते हुए अपने साथ 100 विधायक लेकर सपा में शामिल हो जाएं तो उन्हें मुख्यमंत्री बना देंगे।अखिलेश के ऑफर पर भाजपा की तरफ से पलटवार भी शुरू हो गया है। सबसे पहले केशव प्रसाद मौर्य ने ही हमला किया है। केशव ने कहा कि अखिलेश यादव मुझसे घृणा करते हैं। विधानसभा में अखिलेश का प्यार मेरे प्रति सबने देखा है। अखिलेश यादव खुद डूबने वाले हैं वो मुझे क्या मुख्यमंत्री बनाएंगे,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी अखिलेश पर पलटवार किया और कहा कि मौर्य किसी स्वार्थ में पड़ने वाले नेता नहीं हैं। अखिलेश यादव अपने गठबंधन और परिवार की चिंता करें, क्योंकि सपा गठबंधन के विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।

 भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बोले, अपने गठबंधन की चिंता करें अखिलेश, उनके कई विधायक हमारे संपर्क में

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की नहीं अपने गठबंधन की चिंता करें। उनके कई विधायक हमारे संपर्क में हैं।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य संगठन के प्रमाणित और भाजपा की विचारधारा के लिए समर्पित कार्यकर्ता हैं। वह सदैव हमारे साथ रहेंगे और किसी स्वार्थ में पड़ने वाले नेता नहीं है। अखिलेश यादव अपनी पार्टी व गठबंधन की चिंता करें।बता दें कि सपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को लेकर अक्सर बयान देते रहते हैं और भाजपा पर पिछड़ों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हैं जिस पर भाजपा अध्यक्ष ने पलटवार किया है।अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा था कि भाजपा सरकार पिछड़ों, दलितों, वंचितों और अल्पसंख्यकों को धोखा दे रही है। भाजपा जातीय जनगणना की मांग पर चुप्पी साधे है। जातीय जनगणना होने से समाज के प्रत्येक वर्ग का विकास में प्रतिनिधित्व तय हो जाता। सबकी भागीदार निश्चित हो जाती। इसी तरह समाजवादी सरकार ने 17 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की दिशा में जो कदम उठाए थे उन्हें भाजपा सरकार ने विफल कर पिछड़ों और दलितों के साथ अन्याय किया है।

Don`t copy text!