पुलिस व परिवहन विभाग की मिलीभगत से चल रही है डग्गामारी – टूरिस्ट बसों के परमिट की आढ़ में खूब फलफूल रहा है धंधा – ट्रैफिक पुलिस की निगरानी में चल रही है डग्गामारी

 

इटावा। फिरोजाबाद जनपद में हुए बस हादसे को केवल एक हादसा समझकर भुलाया नही जा सकता है। जबकि पूर्व में भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं इस पर प्रदेश शासन द्वारा बसों की जांच के आदेश संबधित विभाग दिये गये थे परंतु कुछ दिन तो बसों की चैेकिंग की गई उसके बाद प्रशासन सांठगांठ कर डग्गामारी करने वाले बस माफिया टूरिस्ट परमिट की आड़ में जमकर डग्गेमारी कर रहे है। ऐसा नही है कि जिम्मेदार परिवहन विभाग के अधिकारी इन सब बातों से अंजान हैं दरअसल परिवहन विभाग के अधिकारियों व ट्रैफिक पुलिस की मिलीभगत पर ही डग्गेमारी करने वाले माफिया डग्गेमारी करते है।

जनपद में भी वाहन माफियाओं द्वारा टूरिस्ट परमिट की आड़ में डग्गेमारी का धंधा जोरो से फल फूल रहा है। रोडवेज बस स्टैंड तिराहा पर जाम लगने का मुख्य कारण डग्गेमारी करने वाली अवैध बसें ही है। सूरज ढलने के साथ-साथ डग्गेमारी करने वाले माफियाओं की दुकानें खुल जाती है। रोडवेज बस स्टैंड तिराहा से लेकर पक्का बाग और शास्त्री चैराहा तक माफियाओं के एजेंट अपनी दुकानों के जरिये रोजाना दिल्ली अहमदाबाद जयपुर के लिए अवैध बसों में सवारियों को कम किराए का लालच देकर बैठाते है। और रोडवेज विभाग को रोजाना लाखो रुपये के राजस्व का चूना लगाया जाता है। इन बसों का अगर सही से निरीक्षण किया जाए तो इन बसों की हालत देखने से पता चल जाएगा कि यह बसे सवारियों को रोज मौत के सफर पर ले जाती है। सूत्रों से पता चलता है कि परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस के पास डग्गेमारी करने वाले माफिया मोटी रकम देकर खुलेआम डग्गामारी करते नजर आ जाएंगे। प्राइवेट डग्गामारी करने वाली बसे वापसी आने पर दिल्ली जयपुर अहमदाबाद से अवैध तरीके से भाड़ा लादकर लाती है और सेल्सटैक्स को भी भारी राजस्व का चूना रोजाना लगाया जाता है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को इस और ध्यान देकर रोजाना यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर शिकंजा कसना चाहिए

पानकुवंर स्कूल के प्राधानाचार्य कैलाश यादव छात्र छात्राओं को वैलेंटाइन डे की जानकारी देते

वैलेंटाइन डे पर बुजुर्गों का आर्शीवाद लेना चाहिए

इटावा। वैलेंटाइन डे प्यार के नाम पर फूहड़ता फैलाने या अनर्गल उपहार आदि पर धन व्यय करने का दिन नहीं है, यह दिन ऐतिहासिक संत वैलेंटाइन को याद करने का है। इस दिन हमें अपने गुरुओं, माता-पिता व बुजुर्गों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। हमारी संस्कृति इस दिन प्यार के इजहार के नाम पर अश्लीलता की अनुमति नहीं देती।
पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र यादव ने वैलेंटाइन डे की पूर्व संध्या पर विद्यालय में बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि कई शुरुआती शहीदों के नाम वैलेंटाइन थे। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार संत वैलेंटाइन का जिक्र शुरुआती शहादतों में 14 फरवरी की तारीख के अंदर आता है। उनकी शहादत अफ्रीका में अपने अनेकों साथियों के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रेम के अभिव्यक्ति की पाश्चात्य सभ्यता से कहीं अधिक महान हमारे राधा-कृष्ण के प्रेम की महिमा है

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