19 वी सदी के तिब्ब के महानायक हकीम अल्लामा गुलाम हुसैन कंतूरी की आप के पास हो अगर किताब तो दुनिया के मरीजों का हो जाय करिश्माई इलाज, कैंसर,बेऔलाद लोगो के लिए है इनकी किताबो मे नुस्खे

सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

बाराबंकी के किंतुर में 19 वी सदी के एक बड़े आलिम अल्लामा सैयद गुलाम हुसैन किंतुरी जिनके इल्म का सिक्का आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, उनकी किताबे आज भी ईरान और जर्मनी के तिब्ब के कोर्स में चल रही है,अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी,जामिया मिल्लिया में इन पर रिसर्च भी हुई है,

तहलका टुडे के एडिटर सैयद रिज़वान मुस्तफा की पत्नी जीनत काजमी अल्लामा गुलाम हुसैन कितुरी साहब की पर पोती है, रिज़वान मुस्तफा बताते है अक्सर अल्लामा की बात हुआ करती थी मैं सुनता था लेकिन आई गई बात में टल जाता था, पिछले साल मै ईरान गया, तो कुछ आलिमो से मुलाकात हुई किंतूर की बात हुई तो अल्लामा गुलाम हुसैन किंतुरी का तजकिरा हुआ, अब जो उनकी फजीलत और इल्म के बारे में उन लोगो ने बताया तो मेरे होश उड़ गए, रिज़वान मुस्तफा आगे बताते है उनकी किताबे देखकर लगा कि ये यूनिवर्सिटी हमारे पास होकर भी हम ना तावज्जोही का शिकार थे, फिर शुरू हुआ रिज़वान मुस्तफा का खोज का सफर अल्लामा की तमाम किताबे जो लोगो ने कूड़े के भाव बेच दी या चुरा कर हिक्मत शुरू कर करोड़ों रुपए कमा लिया,या कीमती तो समझा लेकिन जेहालत की वजह बक्से बंद कर लिए,उसको खोजने का काम शुरू हो गया।

सफर जारी है किताबे मिलना शुरू हो गई है,

रिज़वान मुस्तफा बताते है कुछ इनके दोस्त अहबाब भी इस मिशन में साथ हो लिए है लखनऊ अलीगढ़ हैदरबाद दिल्ली रामपुर की लाइब्रेरी में खोज जारी है अब तक 28 किताबे मिल चुकी है, अभी काम उस पर शुरू नही हुआ है,बस एक एक अल्फाज पर और उसकी ना कदरी करने वालो पर अफसोस करते रिज़वान मुस्तफा जरूर नजर आ रहे है, रिज़वान मुस्तफा की दिली ख्वाहिश है की इनकी सभी किताबे जमा कर उनको आसान उर्दू और हिंदी में छपवाकर देश के कोने कोने में इसका आवाम को फायदा मिले,और भारत का नाम ऊंचा हो। वही #अल्लामा सैयद गुलाम हुसैन किंतुरी की कब्र और इमामबाड़े को भी उनके पर पोते नवजवान वकार मेहदी काजमी ने मेंटेन कर रक्खा है रिज़वान मुस्तफा ने सभी #किंन्तूर के लोगो के अपील की है कि अल्लामा गुलाम हुसैन किंतुरी की किताबे जो भी उनके पास हो उन तक पहुंचाने में मदद करे,जिससे उसको दोबारा छपवा कर देश की लाइब्रेरियो में पहुंचा कर उसका फायदा आवाम उठा सके। और भारत के नाम के। साथ साथ इस आलिम का नाम और किंतुर का नाम भी ऊंचा हो। वही अल्लामा सैयद गुलाम हुसैन #कंतुरी ट्रस्ट की रूहे रवा उनकी पर पोती #जीनत काजमी हिना ने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री,आयुष मंत्रालय,अल्पसंख्यक मंत्रालय,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,हमदर्द समेत तमाम तिब्ब के मेडिकल कॉलेजों को खत लिखकर इस पर सेमिनार के साथ हमारी धरोहर के लिए उनके गांव बाराबंकी के कंतूर में लाइब्रेरी मेडिकल रिसर्च कॉलेज खोलने के साथ उनकी कंतुर में आयुष पार्क बनाने की मांग की है।  सुहेल अंसारी संवाददाता नगर बाराबंकी एसएम न्यूज़24टाइम्स 8081991270

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