ख़तरनाक भंवर में फंसे अपनी चतुराई के लिए मशहूर अर्दोग़ान, तुर्क सेना के मुक़ाबले में हिज़्बुल्लाह की स्पेशल फ़ोर्स फ़ौजुल अब्बास ने संभाला मोर्चा ध्वस्त कर दिए कई टैंक!
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
इदलिब में जारी लड़ाई में तुर्क सेना का भारी नुक़सान हो जाने के बाद अर्दोग़ान सरकार अब इस कोशिश में है कि किसी भी तरह सीरिया से अपना हिसाब बराबर कर ले बल्कि सीरिया को सबक़ सिखा दे।तुर्की के लिए यह सहन कर पाना कठिन है कि 9 साल से संकट से जूझ रहा सीरिया अब इस स्थिति में आ गया है कि तुर्क सेना पर हमले करके दर्जनों सैनिकों को मौत के घाट उतार सकता है।
अर्दोग़ान सरकार गहरे आक्रोश में है और शायद इसी आक्रोश की वजह से वह ज़मीनी सच्चाई देख नहीं पा रही है। तुर्क सैनिक सीरिया की धरती के भीतर चेकपोस्टें बनाकर बैठे हैं और वहां उन इलाक़ों की देखभाल कर रहे हैं जिन पर चरमपंथियों को का क़ब्ज़ा है। क्या अर्दोग़ान सरकार यह समझ सकती कि सीरिया ही नहीं कोई भी देश इस स्थिति को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता।रजब तैयब अर्दोग़ान को यह ग़लतफ़हमी थी कि सीरिया के ख़िलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय साज़िश के तहत होने वाली कार्यवाहियों के बीच वह अपनी इच्छा और योजना के अनुसार तुर्की की सीमा से मिलने वाले सीरियाई इलाक़ों को अपने प्राक्सी संगठनों की मदद से अपने क़ब्ज़े में कर लेंगे और अब जब यह साज़िश नाकाम हो चुकी है तो उनको फिर यह ग़लत फ़हमी है कि अमरीका और रूस के बीच वह ख़तरनाक खेल शुरू करके अपना यह लक्ष्य पूरा कर लेंगे। अर्दोग़ान अमरीका को धमकी देते हैं कि उनका झुकाव रूस की ओर बढ़ जाएगा और वह एस-400 मिसाइल ढाल व्यवस्था ख़रीदने के बाद रूस से युद्धक विमान भी ख़रीदना शुरू कर देंगे। अर्दोग़ान पुतीन को डराते हैं कि उनका झुकाव अमरीका की ओर बढ़ सकता है यानी अमरीका सहित नैटो उनके साथ आकर खड़ा हो जाएगा तो रूस को तुर्की का मुक़ाबला करने के बजाए नैटो का मुक़ाबला करना पड़ेगा।मगर अर्दोग़ान के लिए समझने की बात यह है कि जिस दिन सीरियाई सेना ने तुर्क सैनिकों पर बड़ा हमला किया और दर्जनों सैनिकों को ढेर कर दिया उसी दिन रूस ने फ़ैसला कर लिया था कि अगर नैटो से मुक़ाबला करना पड़ा तो वह इसके लिए तैयार है।इदलिब के हालात की समीक्षा के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक हुई जिसमें अमरीका की राजदूत केली ग्राफ़्ट ने कहा कि उनका देश तुर्की के साथ है। लेकिन यह भी सच्चाई है कि नैटो ने अपनी बैठक में तुर्की के समर्थन की तो बात कही है लेकिन किसी प्रकार का कोई स्पष्ट वादा नहीं किया है।राष्ट्र संघ में सीरिया के राजदूत बश्शार जाफ़री ने कहा कि उनकी सरकार इदलिब में और अपनी धरती पर आतंकवाद से लड़ रही है जबकि तुर्क सरकार ने सीरिया के भीतर चेकपोस्टें बनाकर इन चेकपोस्टों को आतंकी संगठनों का कंट्रोल रूम बना दिया है।इस समय इदलिब में सीरियाई सेना के साथ ही हिज़्बुल्लाह के लड़ाके भी मोर्चा संभाले हुए हैं और चरमपंथी संगठनों तथा उनकी मददगार तुर्क सेना से सीधा मुक़ाबला कर रहे हैं। हिज़्बुल्लाह ने सुराक़िब शहर के आसपास मोर्चा संभाला है और इसके लिए हिज़्बुल्लाह की स्पेशल फ़ोर्स फ़ौजुल अब्बास मैदान में उतर गई है। इस लड़ाई की वीडियोज़ सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिनमें हिज़्बुल्लाह की स्पेशल फ़ोर्स तुर्क सैनिकों के टैंकों को ध्वस्त कर रही है और तुर्क सैनिक मारे जा रहे हैं।इसका मतलब यह है कि तुर्की बेहद ख़ौफ़नाक युद्ध में कूद पड़ा है जहां से विजयी होकर निकल पाना संभव नहीं होगा।
सीरिया के इदलिब प्रांत में सेना की कार्यवाही में 33 तुर्क सैनिकों के मारे जाने के बाद अमरीकी विदेशमंत्रालय ने भड़काऊ बयान दिया है।
अमरीकी विदेशमंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वाशिंग्टन को सीरिया के इदलिब शहर में मौजूद तुर्क सैनिकों के मारे जाने पर चिंता है और अमरीका, नैटो के घटक के रूप में तुर्की के साथ खड़ा है।दूसरी ओर रूस ने तुर्की की ओर से सीरिया के इदलिब प्रांत में आतंकवादियों का समर्थन जारी रखने और अंकारा की ताज़ा सैन्य कार्यवाही की कड़े शब्दों में निंदा की है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि तुर्की की ओर से सीरिया के इदलिब प्रांत में मौजूद आतंकवादी गुटों के समर्थन में ड्रोन विमानों का प्रयोग पूरी तरह से ग़ैर क़ानूनी है।
रूसी टेलीवीजन की रिपोर्ट के अनुसार सीरिया के इदलिब प्रांत में ग़ैर क़ानूनी ढंग से मौजूद तुर्क सैनिक, कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले मीज़ाइलों से रूसी और सीरियाई विमानों को निशाना बना रहे हैं।

