हैंडपंप में लगा दिया सबमर्सिबल पंप,अफसरों ने साधी चुप्पी पांच माह पहले शुरू हुआ था अस्पताल परिसर में दो हाल का निर्माण
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए दो हाल के निर्माण में खेल का एक और मामला सामने आया है। पहले से गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल के बीच विभागीय अफसरों ने मानक की जांच कराने के लिए कदम नहीं उठाया तो पेयजल के लिए सबमर्सिबल की बोरिंग में खेल कर दिया गया। हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा हटाकर उसके पाइप में ही सबमर्सिबल की मोटर लगा दी गई है। करीब 25 लाख रुपये की लागत से अस्पताल परिसर में दो हाल का निर्माण पांच महीना पहले शुरू हुआ था। निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण के दौरान पानी की जरूरत पूरी करने के लिए शुरूआत में तो परिसर में हैंडपंप और नगर पालिका परिषद की पाइप लाइन. का इस्तेमाल किया गया, लेकिन दिक्कत बढ़ी तो सबमर्सिबल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सबमर्सिबल के लिए नया बोरिंग कराने के बजाय निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने हैंडपंप का ऊपरी हिस्सा खोलकर निर्माणाधीन परिसर में रख दिया और उसके बोरिंग में सबमर्सिबल पंप लगाकर बिजली सप्लाई जोड़ दी। नियमानुसार सबमर्सिबल शुरू करने से पहले नया बोरिंग भी होना चाहिए था। हैंडपंप के बोरिंग का इस्तेमाल किए जाने से पेयजल सप्लाई ज्यादा समय तक दुरुस्त नहीं रह सकती। अस्पताल परिसर में कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए निर्माणाधीन दोनों हाल की गुणवत्ता की असलियत को लेकर कार्यदायी संस्था की पहले भी फजीहत हो चुकी है। यहां बता दें कि करीब ढाई महीना पहले निर्माणाधीन हाल का शौचालय की ओर का एक पिलर दो बार ढह चुका है। एक बार तो बंदर के हिलाने से ही पिलर गिर गया था। दूसरी बार निर्माण के दौरान दिक्कत हो गई। दोनों ही बार पिलर की मरम्मत करानी पड़ी थी। सबमर्सिबल को लेकर जानकारी संज्ञान में आई है। कार्यदायी संस्था के लोगों को बताया गया था कि वह असलियत बताएं, लेकिन किसी ने भी अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। वह इसे लेकर सीएमओ से बात करेंगे। बोरिंग कराए बिना उसे हैंडपंप के पाइप में डालना गलत है।- डॉ. राजकुमार गंगवार, चिकित्साधीक्षक
मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984

