नाबालिग पति ने जंगल में ले जाकर पत्नी की गला रेतकर की थी हत्या, कोर्ट ने सभी दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना डाला

बदायूं। सात साल पुराने दहेज हत्या के मामले में नामजद सास-ससुर और नाबालिग किशोर पति को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने सभी मुजरिमों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ सभी पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड डाला है।

विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह वर्मा, अमोल जौहरी के अनुसार, मुजरिया जिला बदायूं के रहने वाले वादी राजपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने अपनी पुत्री की शादी थाना मुजरिया के गांव गैचुलिया निवासी अशोक यादव के नाबालिग पुत्र के साथ घटना से दस माह साल पहले की थी। वादी की पुत्री को उसके ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में नकद रुपए और ऑल्टो कार लाने के लिए प्रताड़ित करते थे। वादी की पुत्री के ससुर अशोक यादव और सास गुड्डो देवी ने कछला गंगा नहाने के लिए नाबालिग पति और वादी की पुत्री को षडयंत्र के तहत भेज दिया।
आरोपी नाबालिग पति ने वादी की पुत्री की कछला के पास भैंसोरा के जंगल में ले जाकर हत्या कर दी और अकेला घर लौट आया। वादी ने ससुर अशोक यादव, सास गुड्डो देवी और नाबालिग पति के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने वादी के अधिवक्ता संदीप मिश्रा, अभियोजन की ओर से अमोल जौहरी, वीरेंद्र सिंह वर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद ससुर अशोक, सास गुड्डो देवी और नाबालिग पति को दहेज हत्या में दोषी ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984*

