इराक़ में ताजी छावनी पर हमला, 1 ब्रिटिश और 2 अमरीकी फ़ौजी मारे गए, 1 दर्जन घायल
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
यह फ़ाइल फ़ोटो 17 मार्च 2017 को बग़दाद के उत्तर में स्थित ताजी छावनी की है जहां अमरीकी फ़ौजी इराक़ी फ़ौजियों को ट्रेनिंग देते हुए (एपी के सौजन्य से)
इराक़ की राजधानी बग़दाद के क़रीब एक सैन्य छावनी पर एक दर्जन से ज़्यादा कैट्यूशा रॉकेट गिरने से 1 ब्रिटिश और 2 अमरीकी फ़ौजी मारे गए। ये कैट्यूशा रॉकेट, ताजी नामक छावनी पर गिरे जिसमें विदेशी सैनिक रह रहे थे।
2 अमरीकी सूत्रों के हवाले से रोयटर्ज़ के मुताबिक़, बुधवार को बग़दाद से क़रीब 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित ताजी नामक फ़ौजी छावनी पर कैट्यूशा रॉकेट गिरने से लगभग एक दर्जन फ़ौजी घायल भी हुए हैं।
अमरीका की अगुवाई में विदेशी सैन्य गठबंधन ने एक बयान में कहा कि 107एमएम के 18 कैट्यूशा रॉकेट से इस छावनी पर हमला हुआ और समझा जाता है कि ये रॉकेट एक ट्रक से फ़ायर हुए।
अमरीकी सैन्य गठबंधन ने 3 सैनिकों के मारे जाने और लगभग एक दर्जन के घायल होने की पुष्टि तो की, लेकिन मरने व घायल होने वाले सैनिकों की राष्ट्रीयता के बारे में कोई ब्योरा नहीं दिया।
विदेशी सैन्य गठबंधन ने कहा कि ट्रक की गठबंधन और इराक़ी सुरक्षा बलों द्वारा जांच जारी है।
इससे पहले इराक़ के गृह मंत्रालय के मीडिया सेल ने एक बयान में बताया कि बुधवार की शाम को बग़दाद के लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में ताजी सैन्य छावनी पर 10 रॉकेट गिरे।
इस बयान में यह भी बताया गया कि किया बोन्गो पिकअप ट्रक जिस पर मीज़ाईल लॉन्चर लगा था, दक्षिणी बग़दाद के रशीदिया इलाक़े से बरामद हुआ।
इस पिकअप पर 3 मीज़ाईल मौजूद थे। रिपोर्ट मिलने तक किसी गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली थी। यह घटना ऐसे समय घटी है कि केन्द्रीय बग़दाद के अतिसुरक्षित ग्रीन ज़ोन पर 2 रॉकेट लगने की घटना को एक हफ़्ता भी नहीं गुज़रा है।

