बेमौसम बरसात से फसले हुई बर्बाद, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी

मसौली बाराबंकी। शुक्रवार की सुबह किसानों के लिए आफत बनकर आयी। तेज हवा व बारिश के साथ ओले गिरने से सरसों, आलू, मसूर व गेहूं की फसले जहाँ प्रभावित हुई है वही आम के पेड़ों में आये बौर का भी काफी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि व तूफान ने बागवानों व किसानों के अरमानों पर पानी फेर कर रख दिया है। शुक्रवार की सुबह जब लोगो की नींद खुली तो सिवा अफसोस के कुछ नजर नही आया खेतो में लगी फसलें ओला एव बारिश के भेंट चढ़ जाने से किसान कराह उठा। बारिश के साथ गिरे ओलों ने किसानों पर इस तरह आफत बरसाई कि  किसानों के चेहरो पर चिन्ता की लकीरें साफ नजर आने लगी।  इस समय पक कर तैयार सरसों एव आलू की फसल को अधिक नुकसान हुआ। क्षेत्र के मसौली, शहाबपुर,त्रिलोकपूर, बांसा, सआदतगंज, सफदरगंज, बड़ागाँव, नैनामऊ, मेढ़िया सहित आसपास गाँवो के किसान फसलो के बर्बाद होने से सिहर उठे। दैवीय आपदा बनकर हुई बारिश ने बागवानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है आम के पेड़ों में वैसे ही इस वर्ष बौर काफी कम आया था और शुक्रवार को हुई ओलावर्षि्ट बौर के लिए कहर ढा दिया। भयारा निवासी बड़े बागवान अलीम किदवाई, अहमद सईद किदवाई, बड़ागाँव निवासी मिस्वा उर रहमान किदवाई, महबूब उर रहमान किदवाई, डेढुवा निवासी दददू सिंह ने बताया कि तेज बारिश एव ओलावृष्टि के चलते 80 प्रतिशत से अधिक आम की फसलें बर्बाद हो गई हैं।

राजस्व टीम ने किया बर्बाद फसलो का मूल्यांकन

मसौली, बाराबंकी। शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई बारिश एव ओलावृष्टि का क्रम रुकरुक कर शाम तक जारी रहा बर्बाद फसलो के मूल्यांकन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खराब मौसम में ही राजस्वकर्मी खेतो पर पहुँच कर बर्बाद फसलो का जायजा लिया। बड़ागाँव मसौली के हल्का लेखपाल धर्मानन्द ने अपने प्राइवेट सहायक जगतनरायन वर्मा के साथ खेत पर जाकर फसलो की बर्बादी देखी और नुकसान फसलो का मूल्यांकन किया।
डीएम व विधायक ने किसानों के पोछे आंसू

बाराबंकी। मसौली बाराबंकी। भारी ओलावृष्टि एवं वर्षा के कारण बर्बाद फसल का जायजा लेने निकले जिलाधिकारी डॉ0 आदर्श सिंह ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र के किसानों से भेट कर फसल के नुकसान का मुआवजा  दिलाने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, उपजिलाधिकारी अभय कुमार पाण्डेय, तहसीलदार विश्वमित्र सिंह सहित राजस्वकर्मियों के साथ मसौली क्षेत्र के कई प्रभावित गांवों के किसानों की बर्बाद फसलो को देखा तथा नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय हो कि शुक्रवार को हुए ओलावर्षि्ट से किसानों की बर्बाद फसलो के मूल्यांकन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जिलाधिकारी ने तमाम गाँवो में पहुँचकर बर्बादी का नजारा देखा। जिलाधिकारी के भृमण के दौरान मिले सपा विधायक गौरव रावत ने जिला प्रशासन से किसानों की बर्बाद फसल के नुकसान का आकलन कराकर किसानों को उसका मुआवजा दिलाने की मांग की तथा किसानों को आश्वासन दिया कि आपकी समस्या के लिए हर स्तर पर प्रयास कर आप लोगों को उसका मुआवजा दिलवाने का काम करूंगा। उक्त अवसर पर विधायक के साथ अलीम किदवई, कामता प्रसाद यादव, पिंकू सैनी, राम अभिलाष यादव, जे0पी0 वर्मा, फरहान खान, विक्की यादव प्रधान, अटवा प्रधान, अखिलेश यादव, अशोक यादव, रिजवान संजय, मिथलेश वर्मा, सुशील प्रधान समेत आदि लोग उपस्थित थे।

उपेन्द्र ने डीएम से की बात


बाराबंकी। आंधी पानी के साथ भारी मात्रा में ओले पड़े जिससे जिले के किसानों की फसलों को बहुत बढ़ा नुकसान हुआ है। लोकसभा सत्र चलने के कारण सांसद उपेन्द्र सिंह के दिल्ली में होने के कारण जब उनके निजी सचिव दिनेश चन्द्र रावत से दैवीय आपदा की सूचना मिली तो सांसद ने जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह से फोन पर वार्ता कर इस दैवीय आपदा से हुए नुकसान का आकलन करवाकर जिले के किसानों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

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बरसात में गिरा कच्चा मकान, बाल-बाल बचा परिवार
राजस्वकर्मी ने लिया जायजा
मसौली बाराबंकी। शुक्रवार की सुबह ओले और बारिश से ग्राम कुरथरा में कच्चा मकान गिरने से एक परिवार बाल बाल बच गया। सूचना पर पहुँचे राजस्वकर्मी ने गिरे हुए मकान का जायजा लिया। मसौली थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत त्रिलोकपूर के मजरे कुरथरा में शुक्रवार को हुई ओलावर्षि्ट एव बारिश के बीच उस वक्त बड़ा हादसा होने से बच गया जब कुरथरा निवासी रमेश गौतम अपने परिजनों के साथ कुछ समय पहले ही उठ कर कच्चे हिस्से से बाहर आ गये थे। हादसे में रमेश की पत्नी रमादेवी के आंशिक चोट आई है। लेकिन घर गृहस्थी का सारा सामान दब गया। दैवीय आपदा के शिकार हुए रमेश गौतम ने बताया कि वर्षो से आवास को लेकर ग्राम प्रधान पँचायत सेक्रेटरी से लेकर ब्लाक के चक्कर लगाये परन्तु जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते आवास का लाभ नही मिल सका है। जानकारी पर पहुंचे हल्का लेखपाल गिरीश चंद ने जांच कर सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

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आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई भारी तबाही
फसलें बिछीं, गांवों में घर गिरे, शहर में बिजली गुल
त्रिलोकपुर बाराबंकी। शुक्रवार को जमकर बारिश हुई और बड़े पैमाने पर ओले पड़े। बारिश से पूर्व लगभग आधे घंटे तक आंधी भी आई। जिससे बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे भी गिर गए। खंभे गिरने से शहर में ब्लैक आउट हो गया और देर रात तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई थी। ओलावृष्टि से हर तरह की खेती सब्जी आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं त्रिलोकपुर इलाका में भारी बर्फबारी हुई। जिसके चलते इलाकों में ठंड बढ़ गई है। वहीं अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। नुकसान का जायजा लेने जिलाधिकारी अटवा गांव पहुचे। हालात देखे। तेज आंधी और बारिश से काफी संख्या में सड़क किनारे पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। 66 केवी पावर स्टेशन की मुख्य लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा गलियों और रास्तों पर भी खंभे गिर गए। दोपहर दो बजे शहर और जिले के अधिकतर इलाकों में बिजली काट दी गई। बारिश के चलते बिजली निगम कर्मचारी मेंटीनेंस का काम भी नहीं कर पाएं। देर शाम मेंटीनेंस का काम शुरू किया गया, जो देर रात तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई थी।

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आंधी, बारिश व ओलों ने बरपाया कहर
देवा, बाराबंकी। शुक्रवार की सुबह आयी तेज आंधी, बारिश व ओलों के कहर से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।अधिकांश किसानों के खेत में लगी सरसों व आलू की फसलें बर्बाद हो गयी।गेंहू की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा देवा-चिनहट मार्ग पर दुंदपुरवा,कैथी,शाहपुर सहित अनेक स्थानों पर सड़कों के किनारे लगे दर्जनों पेड़ टूटकर गिर जाने से सड़कों का आवागमन शाम तक बाधित रहा। स्कूल जाने वाले छात्रों, शिक्षक, शिक्षिकाओं सहित अन्य राहगीरों को भी तमाम परेशानियां उठानी पड़ी। वनकर्मियों की लापरवाही के चलते देवा-चिनहट मार्ग दोपहर तक बाधित रहा। प्राथमिक विद्यालय हंडोहरी के गेट पर पेड़ गिर जाने से स्कूल के अंदर जाने के लिये रास्ता बंद हो गया।ग्रामीणों ने गिरे पेड़ को रास्ते से हटाया तब जाकर शिक्षिकाएं व छात्र विद्यालय में प्रवेश कर सके। कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ो के गिरने से सड़कों पर जाम की स्थित दिन भर बनी रही। वही तेज आंधी-बारिश के कारण दुंदपुरवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 60 से 70 गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। दुंदपुरवा उपकेंद्र के जेई सुनील मौर्या  ने बताया कि तेज आंधी व बारिश से कई स्थानों पर बिजली के पोल टूट जाने से पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गयी थी।बारिश रुकने के बाद कमर्चारियों ने बड़ी मेहनत करके तमाम गांवों की आपूर्ति बहाल की।जिन इलाकों में बिजली के पोल टूट गए है उन इलाकों में जल्दी ही नए पोल लगाकर आपूर्ति शुरू करने का प्रयास जारी है।

प्रधान संपादक आलीमा शमीम अंसारी

 

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