भीम राव अंबेडकर पर जातिगत टिप्पणीयां करने वाले प्रकाशन गीता प्रेस को गाँधी शांति पुरस्कार दिये जाने के विरोध मे अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष गुलजार अंसारी ने महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंप कर हस्तक्षेप करने की मांग की
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी। भारत रत्न बाबा साहेब डा0 भीम राव अंबेडकर पर जातिगत टिप्पणीयां करने वाले प्रकाशन गीता प्रेस को गाँधी शांति पुरस्कार दिये जाने के विरोध मे मंगलवार को कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष गुलजार अंसारी ने महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंप कर हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष गुलजार अंसारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने गीता प्रेस प्रकाशन को वर्ष 2021 का गाँधी शांति पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि, गीता प्रेस प्रकाशन से संबद्ध पत्रिका ‘कल्याण’ में बाबा साहब अंबेडकर पर जातिगत टिप्पणी करते हुए लिखा गया ‘स्वयं हीनवर्ण (निचली जाति) के होते हुए उन्होंने बूढ़ापे में एक ब्राह्मण महिला से शादी की और हिंदू कोड बिल पेश किया है’। (हिंदू कोड बिल हिंदू संस्कृति के विनाश का आयोजन, जून 1948, पेज नंबर 10 – 13)। इसके अलावा भी अन्य बहुत से अवसरों पर इस प्रकाशन से ऐसी ही जातिगत टिप्पणियों वाले विचार प्रकाशित होते रहे हैं जो संविधान प्रदत्त समानता की मूल भावना के विपरीत हैं। इस मौके पर ज़िला उपाध्यक्ष अबदाल अहमद, अल्पसंख्यक शहर अध्यक्ष सैय्यद अर्शद अहमद, माजिद भाई, हारून भाई, असलम राईन् मौजूद रहे।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

