फतेहपुर- बाराबंकी क़ौमी एकता एवं मानवता का संदेश देने वाले महान सूफी बुज़ुर्ग हज़रत मखदूम शेख़ हिसामुद्दीन चिश्ती रह0 की याद में क़स्बा फतेहपुर में लगने वाला 15 दिवसीय मेला इस समय अपने उरूज पर है। एक तरफ जहाँ दरगाह की जानिब से क़दीमी रिवायत के मुताबिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ मेला कमेटी की जानिब से भी कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
मालूम हो कि मेला कमेटी की जानिब से जवाबी कव्वाली का कार्यक्रम कल रात आयोजित हुआ, जिसमें पीलीभीत बरेली से तशरीफ़ लाये मशहूर क़व्वाल अरशद कामली और मुरादाबाद से तशरीफ़ लाई मशहूर कव्वाला आलिया इण्डियन ने एक से बढ़कर एक जवाबी अशआर और क़व्वाली प्रस्तुत करके समा बाँध दिया। श्रोताओं ने दोनों की जवाबी कव्वालियों का खूब आनन्द लिया। कुछ श्रोता तो उनकी खूबसूरत तरन्नुम और अन्दाज़ पर झूमने और थिरकने लगे। इस अवसर पर पर मुख्य रूप से पूर्व चैयरमेन व मेला कमेटी के अध्यक्ष मो0 मशकूर, सचिव राहत अली ट्रांसपोर्टर, मेला इन्चार्ज योगेन्द्र सिंह बल्लू एडवोकेट, नसीम गुड्डू, कलीम नईमी, मो0 अक़ीक़ पप्पू, पत्रकार रिज़वान मुनीर व जावेद अख़तर, मो0 इश्तियाक, मो0 इमरान, राजू खान, मुईद, नसरे आलम, इरफान, अबुजर, मो0 शरीफ, मो0 रेहान, मो0 रिज़वान आदि भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

