श्री मद् भागवत कथा मे कृष्ण सुदामा चरित्र की महिमा का किया बखान

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

मसौली बारावंकी । जवाहरपुर स्थित गंगेश्वर महादेव प्रांगण में कथा व्यास राधा रमण शास्त्री महाराज ने कथा के सप्तम दिवस सुदामा चरित्र, श्री शुकदेव विदाई की कथा सुनाई साथ ही श्रीमद् भगवत पूजन की विधियों के बारे में बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत भागवत भगवान की है आरती से प्रारंभ किया। जिसमे निम्न प्रसंग चर्चा की जरा नाम की एक राक्षसी थी जिसके पुत्र का नाम जरासंध।जरासंध ने 20800 राजाओं को कैद कर रखा था।ब्राह्मणों को भगवान का मुख बताया गया। गोबिंद जय जय गोपाल जय जय राधा रमण गोबिंद हरि गोबिंद जय जय की स्तुति से कथा में मौजूद सभी भक्त झूम उठे। इसके बाद जय राधा माधव जय कुंज बिहारी भजन सुनाया । भीम और जरासंध के युद्ध  के बारे में बताया। ब्राह्मण वह है जिसने ब्रह्म को जान लिया। सुदामा ने अपनी इंद्रियों को अपने वश में रखा है। सुदामा जी दरिद्र थे उन्हे एक महिला का श्राप लगा था। जिसे अपनी इंद्रियां काबू में नहीं रहती उसे अभिमान आ जाता है।भजन कन्हैया तुम्हे एक नजर देखना जिधर तुम छिपे हो उधर देखना है । माह में दो एकादशी होती है लेकिन सुदामा जी कहते है हमारे यहां रोज एकादशी होती है। सुदामा के परिवार का लालन-पालन बड़ा ही कठिन है। सुदामा की पत्नी सुशीला कहती है जैसे हमारे पति रखेगे वैसे रहे लेंगे  ऐसी थी सुशीला । सुदामा के घर साधु संत भिक्षा मांगने आते है सुशीला घर गई लेकिन घर में कुछ नही था साधु को घर से तुलसी जल लाकर भिक्षा देती है। साधु कहते है आपके घर मे कुछ नही है। साधु ने कहा आप अपने पति से कहे उनके मित्र है कृष्ण जोकि द्वारिकाधीश है। साधु के रूप में भगवान आए। सुशीला ने कहा अपने मित्र से कुछ मांग लो लेकिन सुदामा ने कहा मिलने जा सकते है मांगने नहीं। लेकिन घर में कुछ नही था जिसे लेकर वह अपने कृष्ण से मिलने जाए। सुशीला पांच घरों से चावल लेकर आई। जिसमें अलग अलग चावल होगे तो कृष्ण समझ जाएंगे। इसके बाद साड़ी से पल्लू फाड़ा और उसमे चावल रखा। तब कृष्ण हमारी गरीबी समझ जाएंगे। साथ बहन,पुत्री, मित्र, ज्योतिषी के यहां खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। ब्राह्मण का जीवन तो दीक्षा से ही चलता है।

भागवत कथा में कथा परीक्षित विमला दीक्षित, सुधाकर दीक्षित, गंगा प्रसाद दीक्षित, तारा दीक्षित, लालता प्रसाद दीक्षित, सौरभ दीक्षित, अरुणेंद्र दीक्षित, विमलेंद्र दीक्षित, कपूर बक्श शुक्ला, सानवी, संगीता दीक्षित , आद्रिका दीक्षित, अथर्व दीक्षित, अर्चना अवस्थी, माधुरी, नीरज गुप्ता,बजरंग बली,सर्वेश,प्रभावती, रुद्रांश सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।

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