इराक़ के विश्वसनीय ख़ुफ़िया सूत्रों ने बग़दाद में नूर न्यूज़ के संवाददाता को बताया है कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी है कि कोरोना वायरस पर क़ाबू पाने में नाकामी से हो रही देश और विदेश में बदनामी से बचने के लिए पश्चिम एशिया में एक नया संकट शुरू कर दें।
ट्रम्प प्रशासन कोरोना वायरस पर क़ाबू पाने में पूरी तरह से असफल हो गया है और इस महामारी से लड़ने के लिए व्हाइट के पास किसी तरह की कोई योजना भी नहीं है, इसलिए अपनी सरकार की अक्षमता और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के हमलों से बचने के लिए ट्रम्प को एक नए संकट की ज़रूरत है।

सूत्रों का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और ट्रम्प के कुछ सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी है कि इस बार ट्रम्प सीधे ईरान पर हमला कर दें।
सूत्रों का यह भी कहना है कि पेंटागन और सीआईए ने इस तरह के किसी भी क़दम को अमरीका के लिए भयानक ग़लती बताया है और इसका जमकर विरोध किया है। जबकि विदेश मंत्रालय इस रणनीति पर आगे बढ़ने के लिए ट्रम्प पर दबाव बना रहा है।
यह भी कहा जा रहा है कि बुधवार को फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने ताज़ा परिस्थितियों के मद्देनज़र इराक़ के राष्ट्रपति से फ़ोन पर बात की थी और चिंता जताई थी।
हालांकि ट्रम्प ने अभी तक विदेश मंत्रालय के प्रस्ताव पर अपनी सहमति नहीं जताई है, लेकिन उनके उस नए ट्वीट से जिसमें उन्होंने इराक़ी अधिकारियों को धमकी दी है, ऐसा लगता है कि उनके मन में भी ऐसा ही कुछ चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि इराक़ में अमरीका की हालिया सैन्य गतिविधियों को देखते हुए इराक़ी स्वयं सेवी बल हिज़्बुल्लाह ब्रिगेड ने वाशिंगटन को कड़ी धमकी देते हुए कहा है कि अगर ट्रम्प ने कोई भी मूर्खता की तो उसका ऐसा मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा कि वह सोच भी नहीं सकते।
तेहरान ने भी वाशिंगटन को चेतावनी दी है कि अगर उसने क्षेत्र को किसी नए संकट में डालने की बेवक़ूफ़ी की तो इस बार अमरीका को पछनाते का भी मौक़ा नहीं मिलेगा।

