श्रीरामलीला (धनुषयज्ञ) के दूसरे दिन कलाकारों द्वारा फुलवारी लीला व नगर दर्शन का मंचन किया गया।
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
मसौली बाराबंकी। त्रिलोकपुर क्षेत्र के तिलपुरा गांव ऐतिहासिक रामलीला धनुष यज्ञ कार्यक्रम में फुलवारी लीला का मचन किया गया रामलीला मैदान में चल रही ऐतिहासिक श्रीरामलीला (धनुषयज्ञ) के दूसरे दिन कलाकारों द्वारा फुलवारी लीला व नगर दर्शन का मंचन किया गया।
लखन ह्रदय लालसा बिशेषी
जाय जनकपुर आवें देखा
मंचन में लक्ष्मण जी के ह्रदय में लालसा होती है कि मैं जनकपुर जाकर देखू तो वह रामजी को इशारों इशारों में कहते है तब भगवान श्रीराम गुरु विश्वामित्र महराज से आज्ञा लेकर राम -लक्ष्मण दोनों भाई जनकपुर देखने के लिए चल देते है। दोनों भाई जैसे ही जनकपुर में प्रवेश करते है तो वहाँ के नर नारी दोनों भाइयों को देखकर खिड़कियों के झरोखे से पुष्प वर्षा कर स्वागत करते है। ऐसे सुन्दर बालको को देखकर जनकपुर के लोग ख़ुशी से नही समा रहे है। जब राम लक्ष्मन जनकपुर की बाजार पहुँचते है तो वहाँ के दुकान लगाये लोगो की इच्छा होती है कि भगवान श्रीराम हमारी दुकान से कुछ न कुछ खरीद ले जिससे मैं धन्य हो जाऊ । बाजार से वापसी के दौरान भगवान श्रीराम पूजा के लिए जब फुलवारी में फूल तोड़ने के लिए जाते है तो वही पर जनकनन्दनी सीता गौरी पूजन के लिए फूल तोड़ रही होती है सीता जी को देखकर मुग्ध हो जाते है वही सीता जी भी भगवान को देखकर मोहित हो जाती है। बाद विश्वामित्र दोनों भाईयों को लेकर सीता स्वयंवर में ले जाते हैं।
इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष अनंतराम यादव, दुलम सिंह चौहान, रंजीत रावत , आदर्श रावत पत्रकार, अंगद यादव , मौजीराम, प्रदीप रावत , विद्या प्रसाद रावत, बृजेश रावत, मिश्रीलाल यादव , अम्बिका गौतम, आदि सैकड़ो श्रोता मौजूद रहे।

