मसौली बाराबंकी। व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए, अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। ग्राम बड़ागांव के मोहल्ला नालीपार स्थित दुर्गा मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा मे कथावाचक उमेश महराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।

कथा वाचक उमेश महराज ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा वाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा।
इस मौक़े पर श्रवण कुमार कश्यप, कन्हैयालाल चौहान, राकेश कश्यप, सुरजन सिंह यादव, राजेंद्र यादव, जसकरण कश्यप, सुभाष कश्यप, देशराज यादव, राजमल रावत, सोनापति, लल्लू यादव सहित तमाम भक्तगण मौजूद रहे।

