थाने से नहीं मिला इंसाफ। पीड़िता ने भेजा मुख्यमंत्री को सिखाती पत्र
अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी
मसौली बाराबंकी। जनपद के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह जहां चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं तो वही कोतवाली बदोसरायं क्षेत्र में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो गये हैं कि थाना-पुलिस का जरा भी डर नहीं दिख रहा है, लगातार बढ़ते क्राइम में थाने की पुलिस के शिथिलता स्पष्ट रूप से दिख रही है। वहीं छोटे-छोटे मामले में पुलिस दबाव बनाकर सुलह समझौता करा देती है, जिस कारण कभी-कभी स्थिति विस्फोटक हो जाती है।
मुख्यमंत्री को भेजे गये शिकायती प्रार्थना पत्र के अनुसार पीड़िता अंकिता तिवारी पुत्री रमेश चन्द्र निवासी ग्राम व थाना बदोसरायं बाराबंकी ने बताया कि दिनांक 17 मार्च को बाराबंकी से अपने गांव शाम को गयी थी तभी पीड़िता के भाई बृजेश तिवारी पुत्र रमेश चन्द्र व पत्नी शैलकुमारी ने पीड़िता को देखते ही भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे जब पीड़िता ने मना किया तो पीड़िता के भाई पीड़िता को काफी मारने पीटने लगा। किसी तरह पीड़िता छूट पायी तो प्रीती पाण्डेय के घर की तरफ भागी परन्तु तब भी उसके भाई ने पीड़िता को गांव में दौड़ा-दौड़ा कर काफी मारा पीटा व पीड़िता का पर्स छीन लिया जिसमें सत्तर हजार रूपये व कीमती जेवरात थे। मारपीट में पीड़िता को काफी गम्भीर चोटे आयी जिसका पीड़िता ने मेडिकल कराया है। उक्त घटना के सम्बन्ध में उसके दूसरे भाई कमलेश ने भी पीड़िता को जरिये फोन से जान से मारने की धमकी देते हुये गालियां दी गयी। पीड़िता माता पिता को लगभग 8-9 माह से शहर में किराये पर कमरा लेकर उनका भरण पोषण कर रही है और जब कभी भी पीड़िता व माता पिता गांव जाते है तब दोनों भाई कमलेश व बृजेश आमादा फौजदारी होकर मारपीट करते है तथा माता पिता के पुश्तैनी घर में रहने नहीं देते है। जिससे पीड़िता व उनके माता पिता दर-दर भटकते हुये किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे है। उक्त घटना की जानकारी पीड़िता ने थाना बदोसरायं को दिया था परन्तु बगैर कार्यवाही किये उल्टा पीड़िता व उनके माता पिता के ऊपर सुलह-समझौता के लिये दबाव बनाया जा रहा है जिससे पीड़िता व उसका परिवार काफी भयभीत व परेशान है।
अब देखना यह है कि क्या बदोसरायं की पुलिस इस मामले में कोई कार्यवाही करती है या मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ही पीड़िता को न्याय मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

