दादा सुंदरलाल दीक्षित जी को तनुज पुनिया ने किया नमन

कृष्ण कुमार द्विवेदी (राजू भैया)

बोले गठबंधन प्रत्याशी आम जनता की सशक्त आवाज थे दादा दीक्षित जी

तनुज के इस कदम से भाजपाइयों में फैली बेचैनी! चर्चा का दौर तेज

हैदरगढ़ बाराबंकी गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया ने आज ग्राम दौलतपुर में पूर्व विधायक दादा सुंदरलाल दीक्षित जी की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धा पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि दादाजी अत्यंत संघर्षील व्यक्तित्व के स्वामी थे। और आम जनता की मजबूत आवाज भी थे। उन्हें नमन करना मेरा सौभाग्य है। जबकि दूसरी तरफ तनुज के इस कदम से भाजपाइयों सहित आम जनता में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है?

राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेजी बढ़ती जा रही है ।इसी मध्य भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों के द्वारा सघन जनसंपर्क अभियान जारी है। इसी क्रम में आज गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया ने जब हैदरगढ़ क्षेत्र के कई गांवो में जनसंपर्क किया तो वह ग्राम दौलतपुर जा पहुंचे। यहां पर पहुंचने के उपरांत गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया ने हैदरगढ़ क्षेत्र के कई बार विधायक रहे एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दादा स्वर्गीय सुंदरलाल दीक्षित जी की समाधि पर माथा टेका एवं उन्हें श्रद्धा पुष्प अर्पित करते हुए नमन किया। यहां पर तनुज पुनिया कुछ देर रुके और फिर उन्होंने दादा जी से जुड़े हुए कई संस्मरण भी साझा किए।जैसे ही यह खबर क्षेत्र में आम हुई भाजपाइयों में बेचैनी फैल गई। जबकि आम जनता में इस बात की चर्चा तेजी से शुरू हो गई। कि तनुज पुनिया गठबंधन प्रत्याशी होने के बावजूद भी दादा सुंदरलाल दीक्षित जी की समाधि पर नमन करते हुए उनका आशीर्वाद लेने पहुंच गए जबकि अन्य सियासी आकाओं ने इस पर गंभीरता नही दिखाई?

इस संबंध में जब दूरभाष पर गठबंधन प्रत्याशी तनुज पुनिया से वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि दिवंगत दादा सुंदरलाल दीक्षित जी मजलूमों एवं वंचितों की मजबूत आवाज थे। उन्होंने पूरे जीवन तक आम जनता के लिए संघर्ष किया। वह आज हम सबके बीच नहीं है। लेकिन उनके संघर्षील विचार हम सभी को आज भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। पुनिया ने कहा कि दादा दीक्षित जी जब जीवित थे। तब भी उनका आशीर्वाद एवं प्रेम मुझे मिलता था। जब भी मैंने उनके चरणों में झुक कर उन्हें प्रणाम किया। उनका हाथ प्रेम से मेरे पीठ व सिर पर आशीर्वाद की छाप छोड़ देता था। तनुज ने कहा कि मैं इस क्षेत्र में आया तो दीक्षित जी की समाधि स्थल पर जाने से अपने आप को रोक नहीं पाया। उनका एक अलग ही सम्मान है। और उनके जैसे आम जनता की आवाज बनने वाले नेता बहुत कम दिखाई व सुनाई देते हैं। दीक्षित जी को मैं एक बार नहीं सौ बार नमन करूंगा। फिलहाल कुछ भी हो लेकिन एक बात तो यह सामने आ ही गई कि गठबंधन प्रत्याशी होने के बावजूद भी तनुज पुनिया ने पूर्व विधायक दादा सुंदरलाल दीक्षित जी की समाधि पर पहुंचकर उन्हें नमन किया। जिससे भाजपाइयों की नींद हराम हो गई ।इसके बाद यह चर्चा भी तेज हो चली है कि दीक्षित जी का वर्तमान के भाजपाइयों में इस समय क्या सम्मान है? और वह उन्हें अथवा उनके विचारों को कितना आत्मसात कर रहे हैं? इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई है इस दौरान पुनिया के साथ कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सियाराम यादव सभासद सूरज दीक्षित, राजकुमार सिंह, विजय पाल गौतम,पवन यादव, अंकुर सहित अन्य तमाम लोग उपस्थित थे।

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