जन्मदिन विशेष : रक्तदान, नेत्रदान और देहदान के साथ – साथ अब अंगदान : आशीष सिंह

रामसनेही घाट ,बाराबंकी। जनपद बाराबंकी के सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में निरंतर समाजसेवा में लगे आशीष सिंह का 14 मई मंगलवार को लोगों ने जन्मदिन मनाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।

 

बाराबंकी के तहसील रामसनेही घाट के ग्राम पंचायत छंदवल अंतर्गत ग्राम पूरे अमेठिया निवासी आशीष सिंह पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, निराश्रित पशुओं और पक्षियों की सेवा से लेकर मानव कल्याण के लिए मानवाधिकार, रक्तदान , नेत्रदान व देहदान व अपना कपड़ा बैंक जैसी मुहिम को लेकर लगभग 05 वर्षों से व्यापक स्तर पर कार्य कर रहे है। रक्तदान के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा सम्मानित हो चुके आशीष सिंह ने बताया अब वो अंगदान को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य करेंगे और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से विलुप्त हो रही नदियों आदि के उत्थान के लिए कार्य आरंभ करेंगे। श्री सिंह ने बताया कि अंगदान और देहदान में बड़ा अंतर है, अंगदान हृदय मृत्यु या फिर मस्तिष्क मृत्यु के बाद किया जा सकता है, कई ऐसे पीड़ित व्यक्ति है जिन्हें अंगदान करकर उनकी जीवनरक्षा की जा सकती है। अंगदान में हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय, आंत, छोटी आंत, हाथ और ऊतक जैसे कॉर्निया, त्वचा, टेंडन, उपास्थि, हृदय वाल्व, हड्डियां आदि दान किया जा सकता है। पत्रकारिता में लेखन के साथ – साथ आशीष लगातार सामाजिक कार्यों में लगे हुए है। उनका कहना है समाजसेवा से आत्मसंतुष्टि तो रहती ही है साथ ही इसका रसपान भी कुछ खास होता है। फिलहाल आशीष सिंह के जन्मदिन पर कई लोगों ने उन्हें बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Don`t copy text!