बाराबंकी। चुनाव नजदीक आते मुखबिरों को षड़यंत्र के तहत एक-दूसरे खेमें में भेजने की परम्परा तेजी से बढ़ने लगती है, कोई भी दल इन मुखबिरों से अछूता नजर नहीं आ रहा है। यही मुखबिर प्रत्याशी के हर दांव की सूचना चोरी चुपके अपने पुराने आकाओं तक पहुंचाकर मोटा माल काट रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच उनके राजनैतिक कैरियर पर सवालिया निशान लगता हुआ अवश्य दिख रहा है। वहीं दूसरे दल में जाने पर उन्हें उचित मान सम्मान नहीं मिल पा रहा है, और जब वापसी करते हैं तो उन्हें पुराने पार्टी में भी शक भरी नजरों से देखा जाता है। वहीं राजनैतिक मुखबिर काट रहे हैं माल तो समर्पित कार्यकर्ता बेहाल नजर आ रहे हैं।
अब तो मुखबिर जब दूसरे दल में भेजे जाते हैं तो उन्हें बहुत ही शातिराने तरीके से मकसद पूरा करने का पाठ पढ़ाकर, सिखाकर भेजा जाता है, और दूसरे दल में जाने पर उन्हें मंच भी मिलता है और सम्मान भी मिलता है लेकिन दल को नहीं पता होता है कि हम जिसको पार्टी में शामिल कर रहे हैं वह वास्तव में दूसरे दल का मुखबिर खास या मुखबिर आम है, जो चोला बदलकर आया है और अपना काम निपटाने के बाद अपने मूल स्थान तक कथित अपमान का आरोप लगाकर पहुंच जायेगा। करीब एक माह पूर्व से यह मुखबिरों का खेल लगातार जारी है, यह खेल तब ज्यादा तेजी पकड़ता है जब कोई बड़ा नेता जनपद में आगमन करता है, तो ऐन मौके पर पूरी साजिश के तहत तैयार करके भेजा जाता है और फोटो-वीडियो का खेल चालू करके सोशल मीडिया पर वायरल किया जाता है।
मालूम हो कि मुखबिर प्रतिदिन की दिन चर्चा और प्रत्याशी द्वारा किये जा रहे कार्यक्रम तथा व्यक्तिगत मीटिंग की गोपनीयता को भंग कर रहे हैं, यहां तक पल-पल की सूचना भी बहुत चालाकी से प्रत्याशियों के खास आदमी तक पहुंचाकर अपने लिये गये भार को धीरे-धीरे उतार रहे हैं।
सूत्रों से पता चला है कि कुछ खास मुखबिरों ने मोटी रकम न लेकर अग्रिम चुनाव में माननीय बनने के लिए टिकट की डील कर डाली है, वहीं इन सबके बीच लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसे में पार्टियों को इस ओर खास ध्यान रखने की जरूरत है, अगर सावधानी हटी, तो मुखबिर अपने नापाक मंसूबों कामयाब अवश्य हो जायेंगे।
मुखबिर कौन?
मुखबिर वह व्यक्ति है जो संगठन या लोगों में होने वाले कार्यों की सूचना इधर-उधर चोरी चुपके पहुंचाये उसे मुखबिर कहा जाता है। आमतौर पर यह व्यक्ति किसी न किसी संगठन का सदस्य होता है। मुखबिर को अक्सर प्रतिशोध का सामना करना पड़ता है, कभी संगठन या समूह जिन्हें वे आरोपी ठहराते हैं, तो कभी संबंधित संगठनों से और कभी कानून के तहत। अधिकतर मुखबिर आंतरिक मुखबिर होते हैं, जो गोपनीय सूचना देते हैं। उन्हें मुखबिर कहा जाता है, वर्तमान में सबसे ज्यादा मुखबिर पुलिस विभाग में है जो पल-पल की सूचनाओं को पहुंचाकर अपना कार्य करते हैं।
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