धान की फसल की रोपाई कर घर वापस आ रहे किसान की अरिल नदी में डूबकर मौत

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं। धान की फसल की रोपाई कर घर वापस आ रहे किसान की अरिल नदी में डूबकर मौत,

खेत मे धान की रोपाई कर घर आ रहे किसान का अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चले जाने से किसान की पानी मे डूबकर मौत हो गयी घटना की सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया मृतक किसान का शव करीब तीन घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने बाहर निकाला मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम ने मृतक किसान के परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया पुलिस ने शव को सील कर पीएम हेतू ज़िला मुख्यालय भेज दिया।
दरअसल जनपद बदायूं से होकर भी गंगा एक्सप्रेस वे गुज़र रहा है निर्माण हेतु मिट्टी की अधिक आवश्यकता थी गंगा एक्सप्रेस वे की कार्यदायी संस्था ने बिना अनुमति तहसील प्रशासन से साठगांठ कर दातागंज तहसील क्षेत्र से गुज़र कर जा रही अरिल नदी से मिट्टी खोद ली।एक्सप्रेस वे की कार्यदायी संस्था को करोड़ों रुपए की मिट्टी मुफ्त में मिल गयी ।जहां उन्होंने कई गांव के नजदीक से 30 से 35 फीट तक मिट्टी खोद ली। वहीं ग्राम पापड़ से भी गंगा एक्सप्रेस वे की कार्यदायी संस्था द्वारा मानको को ताक में रखकर गांव के पास से अरिल नदी से मिट्टी खोद ली जिसका खमियाज़ा धान को रोपाई कर घर वापस आ रहे किसान रामकृष्ण उम्र 35 साल को अपनी जान से हाथ धोकर भुगतना पड़ा किसान रामकृष्ण नदी किनारे चलकर वापस घर लौटकर आ रहा था रहा कि इसी बीच किसान का अचानक पैर फिसलने से वह गहरी नदी में जा गिरा सूचना मिलते ही ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुँच गयी करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने पानी मे डूबे हुए किसान के शव को बाहर निकाला। बता दे पिछली एक साल से अब तक आधा दर्जन से अधिक मौतें इसी नदी में डूबने से हुई है।
इस मामले में एसडीएम धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि किसान परिवार को आर्थिक साहयता दिलाई जायेगी।
वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि किस समय नदी की खुदाई की गई तब हम लोगों ने काफी रोकने का प्रयास किया।तथा एसडीएम और जिलाधिकारी से भी शिकायत की लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुनी।उल्टा हम लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने को धमकी दी गयी ।

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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