अपनी ग़लती की वजह से हम इटली से मांफी मांगते हैंः यूरोपीय संघ

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

यूरोपीय संघ ने अपनी ग़लती मानते हुए इटली से माफ़ी मांगी है।यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने यह बात स्वीकार की है कि कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने में यूरोपीय संघ इटली की सहायता करन में विफल रहा है।  इसी बात के कारण उन्होंने इटली से आधिकारिक रूप में माफी मांगी है।
गार्डियन समाचार पत्र के अनुसार Ursula von der Leyen ने गुरूवार की रात इस बात का उल्लेख किया कि जब इटली, कोरोना वायरस के प्रकोप में फंसा हुआ था तो उस समय बहुत से देशों ने उसकी सहायता की मांग को अनदेखा किया।  उन्होंने कहा कि इस बात के लिए यूरोपीय संघ माफ़ी चाहता है।  यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने डब्लूएचओ की इस चेतावनी की ओर संकेत करते हुए कि यूरोप अब भी कोरोना के तूफ़ान में फंसा हुआ है कहा कि कोरोना पर पूरी तरह से नियंत्रण पाने के लिए वास्तविकता और राजनीतिक सच्चाई की ज़रूरत है।  गार्डियन के अनुसार कोरोना के फैलाव के आरंभिक समय अन्य युरोपीय देशों की तुलना में इटली इससे पहले प्रभावित हुआ था।  उस समय फ़्रांस और जर्मनी ने कोरोना को नियंत्रित करने से संबन्धित स्वास्थ्य उपकरण इटली भेजने से मना कर दिया था।  इन देशों के अतिरिक्त यूरोपीय संघ के अन्य देशों ने भी इटली की कोई उल्लेखनीय सहायता नहीं की थी।  यूरोपीय संघ के इस व्यवहार से इटली इस संघ से बहुत नाराज़ है।  मार्च में कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार इटली के 88 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि बुरे समय में यूरोपीय संघ ने इटली की सहायता नहीं की।  इटली वासियों की इस भावना ने यूरोपीय संघ को चिंतित कर दिया है।
ज्ञात रहे कि इटली में कम से कम 168941 लोग कोरोना से संक्रमित हैं।  वहां पर अबतक 22 हज़ार 170 लोग कोरोना की जंग हार चुके हैं।

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