………..झाकियां सजाने , और जय-जयकार करने मात्र से सनातन धर्म तथा हिन्दू समाज का भला होने वाला नहीं

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

मसौली बाराबंकी । भगवान राम और श्रीकृष्ण के चित्र पर माला चढाने , उनकी झाकियां सजाने , और जय-जयकार करने मात्र से सनातन धर्म तथा हिन्दू समाज का भला होने वाला नहीं है । हमे राम और कृष्ण के उपदेशों को हृदयंगम करके उनके बताये रास्ते पर चलना होगा तभी राष्ट्र और धर्म का कल्याण संभव है ।
स्थानीय आर्य समाज मन्दिर मे आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम मे उक्त विचार प्रकट करते हुए आचार्य सत्य प्रकाश आर्य ने कहा कि विडम्बना देखिये कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता मे “यदा यदा हि धर्मस्य “और “परित्राणाय साधुनाम”का उद्घोष करते हुए स्वयं कहा है कि मै धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए इस धरा पर आया हूं और उनके भक्त गाते नहीं थकते कि ” श्याम चूड़ी बेचने आया ” ।
उन्होने कहा कि हमे भगवान श्री कृष्ण के आदर्श चरित्र को आत्मसात करके उसे समाज मे स्थापित करना होगा । भजनो के माध्यम से उन्होने भगवान श्रीकृष्ण के उज्जवल चरित्र का बखान किया ।
आर्य समाज रसौली से आये बालक सुशांत आर्य के भजनों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रवींद्र भंडारी का आर्य समाज के प्रधान राजीव कुमार अवस्थी ,सुधीर कुमार सक्सेना ,डा• आर एन आर्य, शांति स्वरूप आर्य, तथा गुरू नारायन श्रीवास्तव ने माल्यार्पण करके स्वागत किया ।

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

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