तेज़ी से बदल रहे हालात में ईरानी ख़ैमे से क़रीब हो रहे हैं अरब देश, जवाद ज़रीफ़ की दमिश्क़ यात्रा का मक़सद नए रुख़ का मूल्यांकन है, कोरोना के बाद क्या नया मिडिल ईस्ट जन्म ले रहा है?
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
पश्चिमी एशिया के इलाक़े में एक बड़े बदलाव की शुरुआत के इशारे मिल रहे हैं। ईरान ने अपना पुराना स्टैंड फिर दोहराया है कि वह क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय देशों से बिना शर्त वार्ता के लिए तैयार है।
कुवैत के अमीर शैख़ सबाह अलअहमद अलसबाह और ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी के बीच सोमवार को फ़ोन पर बातचीत हुई जिसमें क्षेत्र के हालात और कोरोना वायरस की महामारी से मुक़ाबले का मुद्दा चर्चा में आया।
ईरान क्षेत्र के देशों को यह समझाने की कोशिश लगातार कर रहा है कि फ़ार्स की खाड़ी के इलाक़े में शांति और स्थिरता क्षेत्रीय देश आपस में मिलकर सुनिश्चित कर सकते हैं अगर इस इलाक़े में अमरीका या दूसरी बाहरी ताक़तों की दख़लअंदाज़ी जारी रही तो तनाव पैदा होगा। हालिया दिनों अमरीकी युद्धपोत और ईरानी युद्धक नौकाओं का आमना सामना होने की घटनाएं हुईं जो इसका उदाहरण हैं।

