सऊदी अरब में पिछले साल 6 महिलाओं समेत रिकॉर्ड 184 लोगों के सिर क़लम कर दिए गए, एमनेस्टी ने किया बच्चों को मौत की सज़ा नहीं देने का आग्रह

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, सऊदी अरब में पिछले साल रिकॉर्ड 184 लोगों के सिर क़लम कर दिए गए।
एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि इस अरब देश में एक वर्ष के दौरान मौत की सज़ा की यह सबसे अधिक संख्या है।
मंगलवार को विश्व भर के देशों में मौत की सज़ा पर जारी की गई अपनी रिपोर्ट में एमनेस्टी ने उल्लेख किया है कि पूरी दुनिया में मौत की सज़ा के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद सऊदी अरब में लगातार इसमें वृद्धि हो रही है।
2019 में सऊदी अरब में मौत की सज़ा के नाम पर 178 मर्दों और 6 महिलाओं की गर्दनें काटी गई हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा विदेशी नागरिक थे।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के सीनियर डायरेक्टर फॉर रिसर्च, एडवोकेसी एंड पॉलिसी क्लेयर एल्गर का कहना है कि सऊदी अरब में मौत की सज़ा को राजनीतिक विरोधियों के ख़िलाफ़ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें ख़तरनाक हद तक इज़ाफ़ा हो रहा है।
दुनिया भर में मौत की सज़ा के लिए केवल 20 देश ज़िम्मेदार हैं। पिछले वर्ष विश्व भर में फांसी की सज़ा में लगातार चौथे वर्ष कमी देखने को मिली। 2019 में 657 लोगों को मौत की सज़ा दी गई, जबकि 2018 में यह आंकड़ा 690 था।
एमनेस्टी ने सऊदी अरब से बच्चों को मौत की सज़ा नहीं देने का आग्रह किया है।

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