अंतरिक्ष में भी ईरान का लोहा, अब अंतरिक्ष से भी दुश्मनों पर रहेगी नज़र, इस्राईल और अमरीका सदमे में
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
आजकल दुनिया भर का नेतृत्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है और उसे इस संकट से निकलने के अलावा कुछ और सूझ ही नहीं रहा है। ऐसे वक़्त में ईरानी लीडरशिप ने देश में महामारी पर क़ाबू पाने और प्रतिबंधों का दबाव झेल रही अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाने के साथ ही सबसे महत्वपूर्ण कारनामा यह अजांम दिया कि किसी भी क्षेत्र में विकास का पहिया जाम नहीं हुआ।पिछले एक महीने से भी ज़्यादा समय से पूरी दुनिया के मीडिया में बस एक ही ख़बर छाई हुई है कि किस देश में कितने लोग वायरस से संक्रमित हुए और कितने इसका शिकार हुए। ख़ास तौर से यूरोप और अमरीका में इस महामारी ने तो ऐसा क़हर बरपा किया है कि हर तरफ़ इसका मुक़ाबला करने या चिकित्सा उपकरणों की कमी के बारे में ही रिपोर्टें सुनने और देखने को मिल रही थीं। लेकिन 22 अप्रैल की सुबह दुनिया भर के टीवी चैनलों ने जब ईरान द्वारा अंतरिक्ष में सफलतापूर्व भेजे गए सैन्य उपग्रह की ख़बर प्रसारित की तो लोगों को कोरोना से हटकर ऐसा ही कुछ बड़ा सुनने को मिला, जिससे जरजर होती हुई विश्व की एकमात्र महाशक्ति उतना ही सहम गई जितना आजकल कोरोना से सहमी हुई है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोलन्ड ट्रम्प ने मई 2018 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से निकल कर तेहरान के ख़िलाफ़ अधिकतम दबाव की नीति का एलान करते हुए इतिहास के अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगा दिए और ईरान के तेल निर्यात को शून्य तक पहुंचाने का एलान करते हुए ईरान को घुटनों पर लाने का दावा किया था। लेकिन इससे पहले कि ट्रम्प ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर लाते कोरोना महामारी ने अमरीकी तेल बाज़ार को ही ध्वस्त कर दिया और आज अमरीका में तेल की निगेटिव क़ीमतों के बावजूद उसे पूछने वाला कोई नहीं है।
यहां यह कह सकते हैं कि अमरीकी दुश्मनी और अमरीकी प्रतिबंध ईरानी राष्ट्र को नष्ट करने के बजाए उसके लिए वरदान साबित हो रहे हैं। अगर ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध नहीं होते तो ईरान की अर्थव्यवस्था भी दूसरे तेल उत्पादक देशों की तरह तेल निर्यात पर निर्भर होती और वह भी दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तरह कोरोना महामारी से पराजित होकर ध्वस्त हो चुकी होती। लेकिन ईरान ने अपनी निर्भरता तेल से हटाकर जहां दूरदर्शिता का पता दिया, वहीं आज यह महामारी के झटकों के मुक़ाबले में मज़बूती से खड़ी हुई है और ईरान विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य रूप से प्रगति कर रहा है।
ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसकी नौसेना ने नौसैनिक संस्करण के मिसाइल की रेंज बढ़ाकर 700 किलोमीटर तक पहुंचा दी है। अब उसके बाद इसी फ़ोर्स द्वारा अंतरिक्ष में सैन्य उपग्रह को सफलता के साथ लॉंच करना, अमरीका और इस्राईल के लिए स्पष्ट संदेश है कि वह ईरान को तबाह करने का सपना छोड़कर उसकी शक्ति के सामने नतमस्तक हो जाएं।
इस लॉंच के बाद आईआरजीसी के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने एलान कर दिया कि आज के बाद से ईरान अंतरिक्ष से भी दुश्मन की हरकतों पर नज़र रखेगा। इसमें कोई शक नहीं है कि निकट भविष्य में ज़मीन पर भी उसी का लोहा माना जाएगा, जिसका डंका अंतरिक्ष में बजेगा। ईरान की लीडरशिप इस वास्तविकता को अच्छी तरह से समझती है और वह हर संकट का सफलता के साथ समाधान निकालते हुए राष्ट्र का विकास के पाथ पर मार्गदर्शन कर रही है।

