बदायूं में बौद्ध पर्यटन स्थल का मामला भी गर्मा गया है

मुकीम अहमद अंसारी

हिंदू संगठन की ओर से बौद्ध पर्यटन स्थल पर विवाद करने का मामला सामने आया

बदायूं की ज़ामा मस्जिद शम्सी बनाम नीलकंठ महादेव मंदिर का मामला अभी किसी नतीजे पर पहुंचा भी नहीं है। उससे पहले बदायूं के बौद्ध पर्यटन स्थल का मामला भी गरमा गया है। हिंदू संगठन की ओर से बौद्ध पर्यटन स्थल पर विवाद करने का मामला सामने आया है। जिसके विरोध में आज बौद्ध भिक्षुओं ने बदायूं के मालवीय आवास पर जोरदार प्रदर्शन किया।
बौद्ध अनुयायियों और भिक्षुओं ने आरोप लगाया है कि हिंदू संगठन विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता सम्राट अशोक बौद्ध पर्यटन स्थल ( सूर्य कुंड) मझिया पर पहुंचे और एक नवनिर्मित चबूतरा को खोदा जिससे तथाकथित शिव लिंग और नंदी की मूर्ति का दावा किया और आरोप लगाया कि यहां बौद्ध धर्म के लोगों ने बौद्ध स्थल बना दिया है जबकि यहां शिव का स्थान था। इसका कड़ा विरोध जताते हुए आज मालवीय आवास में मौर्य शाक्य समाज, तमाम भंते और बौधिष्ट समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया और आंदोलन की चेतावनी दी।
आरोप है कि शनिवार को सूर्य कुंड मझिया सम्राट अशोक बौद्ध पर्यटन स्थल पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा भंते आदि के आवासीय परिसर में ताला डालने, बौद्ध स्थल पर चबूतरा तोड़ने, बौद्ध भंते गण को वहां से निकालने पर विवाद किया गया। जिस पर नाराजगी जताते हुए बौद्ध समाज के तमाम लोग और भंते आज जिला मुख्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन किया। इस दौरान बौद्ध समाज के लोगों ने कहा कि जिनके द्वारा यह कृत्य किया गया है, वही लोग पुनः भंते लोगों को उसी स्थान पर ससम्मान से पहुंचाएं। अन्यथा मौर्य शाक्य समाज और बौद्ध गण उस स्थल पर जाएंगे। अगर कोई अवरोध उत्पन्न करेगा या रोकेगा तो हम सब जेल जाने को तैयार होंगे और आगे आंदोलन भी करेंगे
आपको बताते चलें कुछ वर्ष पूर्व ही तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह के कार्यकाल में इस स्थल को पुनर्जीवित कर पर्यटन विभाग द्वारा सौंदर्यीकरण किया गया था, तब से बौद्ध धर्म के भंतेगण यहां निवास कर रहे हैं।

*एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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