सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हो रही भर्ती
आज पूरी दुनिया में कोरोना महामारी का प्रोकोप छाया हुआ है हर रोज हजारों की तादात में नए मरीज सामने आ रहे हैं शायद इसका मुख्य कारण यह है कि प्रशिक्षित डाक्टरों की कमी करीब पूरे देश में 30 लाख से ज्यादा फार्मासिस्ट बेरोजगार है
यह आज का मामला नहीं कि सरकारी स्वास्थ्य के केंद्रों में स्वीपर और वार्ड बॉय के जरिए दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है जिस मेडिसिन का एक अक्षर नहीं पता है वह दवा क्या दे सकते हैं देश हित 1997 में दवा व्यापारियों द्वारा हाई कोर्ट में रिट दाखिल की गई थी फार्मासिस्ट को हटाकर लाइसेंस हमको मिल जाए हाईकोर्ट ने जब रिट खारिज की तो यह सुप्रीम कोर्ट चले गए उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में भी इस याचिका को खारिज करके मुख्य सचिव को आदेश दिया कि जहां पर बिना फार्मासिस्ट दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही है वहां नियुक्ति की जानी चाहिए पर इतने साल बीत जाने के बाद भी किसी सरकार ने इसका पालन नहीं किया और टालमटोल करते रहे यही नही मुख्य सचिव से लेकर सांसद तक प्रार्थना पत्र के द्वारा फार्मासिस्ट सेवा संस्था के मंडल सचिव एन के साहनी वा मंडल अध्यक्ष राहुल राय के द्वारा अवगत कराया की इस महामारी में हम फार्मासिस्ट को नियुक्त किया जाए सरकार इस पर कोई विचार नहीं कर रही आज जब पूरी दुनिया इस कोरोना महामारी से जूझ रही है तो कमियां निकल कर सामने आ रही हैं कि आखिर इस महामारी में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने का कारण क्या है शायद इसका यही कारण है स्वास्थ्य संबंधित स्टाफ की कमी आज सरकार द्वारा अध्यापक और लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है अब आप बताइए जो व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधित कोई भी जानकारी ना रखता हो वह दवा क्या दे सकता है और अध्यापक लेखपाल सीधा उसको डॉक्टर के पास जाने की सलाह देंगे इस महामारी में अगर फार्मासिस्ट की नियुक्ति होती है तो शायद इस महामारी से कुछ हद तक निजात संभव है उत्तर प्रदेश में फार्मासिस्ट की संख्या लगभग एक लाख से ज्यादा है और पूरे भारत में 30 लाख से अधिक जहां तक हम स्वास्थ्य संबंधित बात करें तो पैथोलॉजी ब्लड बैंक नर्सिंग होम मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी सीएचसी पीएचसी मिलाकर सरकारी और गैर सरकारी सभी स्टाफ मिलाकर करीब 3 लाख नियुक्तियां है अब सवाल यह उठता है कि जहां प्रदेश की आबादी 23 करोड़ है वहां पर क्या 3 से 4 लाख डॉक्टर व संविदा कर्मी व अन्य स्टाफ इस महामारी में निजात दिला पाएंगे क्या यह संभव है सरकार को इस महामारी से निपटने हेतु फार्मासिस्ट के ऊपर विचार करने की आवश्यकता है और इनको जल्द से जल्द नियुक्ति करके पूरे भारत को कुछ हद तक समस्याओं से निजात दिला जा सकता है ताकि इलाज के कारण कोई भी व्यक्ति की मौत ना हो सरकार को देश हित में ये फैसला लेने की जरूरत है
मामुन अंसारी संवाददाता बाराबंकी

