रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ 2017 जैसे जघन्य अपराध का फिर ख़तरा मंडराया, यूएन अधिकारी ने किया सचेत ? म्यान्मार श्रीलंका मे मुसलमान पर होंने वाले टारगेट किलिंग पर कोई ऐसा देश शामिल है जो मुसलमान के खिलाफ हे?

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ एक और जघन्य अपराध का ख़तरा मंडरा रहा है।मानवाधिकार के विषय पर संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष प्रतिवेदक यांघी ली ने सचेत किया है कि म्यांमार में सेना राख़ीन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ एक और जघन्य अपराध कर सकती है।तस्नीम न्यूज़ के मुताबिक़, यांघी ली ने बुधवार को कहा कि म्यांमार की सेना उन समुदायों को नुक़सान पहंचा रही है जो संकटमय हालत वाले राज्यों में रह रहे हैं।
यांघी ली ने 2017 में हुए अपराध जैसी घटने के दोबारा घटने को रोकने की कोशिश तेज़ करने की अपील की। उन्होंने बताया कि म्यांमार की सेना की राख़ीन राज्य से चाइन राज्य तक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ गतिविधियां बढ़ गयी हैं।
म्यांमार की सेना पर जातीय सफ़ाए का इल्ज़ाम है और उसने अगस्त 2017 में 7 लाख से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमानों को राख़ीन राज्य से बंग्लादेश पलायन करने पर मजबूर किया था। यांघी ली ने अपने बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर में संघर्ष विराम की अपील के बावजूद, म्यांमार की सेना अभी भी जंगी इलाक़ों में रहने वाले सभी संप्रदायों को निशाना बना रही है।

 

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