बारावंकी । कस्बा जैदपुर में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कर्बला में शहादत की याद में होने वाली दस दिनों तक होने वाली मजलिसों का सिलसिला जारी है।
इसी क्रम में वक्फ इमामबाड़ा गढ़ी जदीद तालुकदार जैदपुर में इमाम हुसैन के छह माह के बेटे हज़रत अली असगर की याद में यौमे अली असगर मनाया गया। ज्ञात हो की मोहर्रम के पहले जुमे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिया धर्मगुरूओं द्वारा हज़रत अली असगर की याद में उक्त दिन पर प्रोग्राम आयोजित किया जाता रहा है। कर्बला में यज़ीद और उसकी फौज के द्वारा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम पर ज़ुल्म की हद ये थी की उनके छह माह के बेटे अली असगर को उनकी गोद में भूखा प्यासा तीर मार कर शहीद कर दिया गया जब वह अपने बेटे के लिए पानी का सवाल यज़ीद की फौजों से कर रहे थे ।
यौमे अली असगर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद और मासूम बच्चों पर ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए मनाया जाता रहा है ।
इस अवसर पर जनाब मौलाना जाबिर जौरासी, जनाब मौलाना मुराद रज़ा, जनाब मौलाना अता मेहदी, जनाब मौलाना क़मर अब्बास ख़ान साहब ने तक़रीर की और इस दिन की अहमियत और मक़सद को बयान किया। कार्यक्रम का संचालन सैयद कामिल रिज़वी ज़ैदपुरी ने किया। तमाम अज़ादारो ने छोटे छोटे बच्चों के साथ यौमे अली असगर में शिरकत कर अली असगर की शहादत को याद किया।
जैदपुर में वक्फ बुनयादिया इमामबाड़ा बड़ी सरकार, इमामबाड़ा सरकारे हुसैनी , इमामबाड़ा मीर ऐनुल हुसैन एव इमामबाड़ा मीर मुख़लिस हुसैन में भी मजलिसे आयोजित की गयी ।
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