मदरसा अनवारे मदीना में पैगंबर ए आज़म हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के 15 सौ साल के योमे विलादत के मौके पर एक जश्न ईद मिलादुन्नबी का इनकाद किया गया।
मुकीम अहमद अंसारी
सहसवान, बदायूं। मदरसा अनवारे मदीना मोहल्ला नसरुल्लाहगंज में पैगंबर ए आज़म हुजूर सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम के 15 सौ साल के योमे विलादत के मौके पर एक जश्न ईद मिलादुन्नबी अलेही वसल्लम की महफिल का इनकार किया गया जिसकी तिलावत कुराने मस्जिद से शुरू हुई कारी शादाब राजा ने तिलावत की मदरसा के तलवा और हाजी आकिल ने नाते रसूल पेश की जिसमें खुसूसी खिताब करने के लिए डॉक्टर यासीन अली उस्मानी साहब साबिक अध्यक्ष उर्दू अकादमी बदायूं मने सामईन को खिताब करते हुए हुजूर नबी करीम सल्लल्लाहु ताला अलेही वसल्लम के यौमें विलादत की मुबारकबाद पेश की और अपने खिताब में हुजूर सल्लल्लाहु ताला अलैही वसल्लम की तालीमात और उनसे मोहब्बत और उनके नक्शे कदम पर चलने पर तनकिद की दो इंसान आपकी तालीमत पर चलेगा वह दुनिया वाकीरत में बुलंदी पाएगा और आपकी तालीमत हर शख्स के लिए जो अपने आप को इंसान कहता है उन सबों के लिए आपकी तालीमत पर अमल करना इतना ही जरूरी है जितना के इंसान के लिए खाना और पानी लेना जिंदा रहने के लिए जरूरी है आपने दुनिया में अमानो अमन इतिहास दो मोहब्बत ऐसा कायम किया कि आपके जैसा रो जमीन पर आज तक पैदा ना हो सका और सुबह कयामत तक पैदा ना होगा मदरसा के नाजिम आल आई कारी कारी मोहम्मद मुसीम रजा ने अपने खिताब में अपना खिराजे अकीदत पेश करते हुए अपने खिताब में कहा कि हुजूर की योमें विलादत मानाना यह हम सबके लिए बड़ी खुशनसीबी है अपने घरों में चिरागा करना मस्जिदों को सजाना खुशी मंदी है लिहाजा योंमें विलादत के दिन जुलूस के शक्ल में अपने इश्क रसूल का इजहार करते हुए आका की बारगाह मे सलातो सलाम पढ़ते हुए रास्तों से गुजरते हुए पैगामे हक पैगा में मोहब्बत को आम करें मदरसा के कारी इसहाक ने निजामत की मदरसा के तलवार का हौसला अफजाई करने के लिए डॉक्टर यासीन अली उस्मान साहब ने बच्चों को फूल और कलम तकसीम किया महफील का इंतेजाम दुआ पर हुआ मुल्क के अमनो अमान के लिए दुआ की गई इस प्रोग्राम का इंतजाम अंजाम हाफिज सालीम ने दिया हाफिज रफीक हाफिज मुशर्रफ बरकती हाफिज इरफान हाफिज ताहिर हाजी इसरार अहमद डॉक्टर अरशद हाफिज असलम और कसीर तादाद में शामिल मौजूद थे।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

