ग्राम प्रधान की मनमानी के चलते मनरेगा मजदूर की मौत

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

बाराबंकी । जिम्मेदार अधिकारियो को अंधेरे मे रख वर्षो पुराने सरकारी नाले मे खाई बंधवा कर अपने खेत का रकबा बढ़ाने मे जुटे ग्राम प्रधान की मनमानी ने आख़िरकार एक मनरेगा मजदूर की जान ले ली काम मे लगे अन्य मजदूर जब तक घायल मजदूर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचते तब तक मजदूर की मृत्यु हो चुकी थी पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया रविवार की देर शाम मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
बताते चले कि विकास खण्ड मसौली की ग्राम पंचायत पलहरी से निकला सरकारी नाला खारजा ग्राम पंचायत सूर्यपुर खपरैला से होते हुए ग्राम अतरौली होते हुए ग्राम पंचायत गोडरी के निकट कल्याणी नदी मे गिरा है बरसात के दौरान कई गांवो का पानी इसी खारजे से जाता है खारजे के किनारे ही ग्राम पंचायत सूर्यपुर खपरैला के ग्राम प्रधान का खेत है ग्राम प्रधान अपने खेत का रकबा बढ़ाने के चक्कर मे खारजे के अंदर बाँध बनवाने का काम मनरेगा योजना से करवा रहे है सूत्रों के अनुसार ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को अंधेरे मे रख पहले जेसीबी मशीन से बांध बनवाने के बाद मजदूर लगाकर सही करा रहे है ।
शनिवार की शाम करीब साढ़े 3 बजे बंधा बाँधने के कार्य मे लगे 43 वर्षीय श्रमिक राम अदालत पर अचानक बंधे की मिट्टी भर-भरा कर गिर जाने से मजदूर उसके नीचे दब गया। घटना के समय कार्य स्थल पर मौजूद अन्य श्रमिकों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मिट्टी हटाकर राम अदालत को बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। घायल अवस्था में राम अदालत को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया गया कि राम अदालत ही परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। मनरेगा के तहत चल रहे इस बंधा निर्माण कार्य में कुल 87 श्रमिक कार्यरत थे। इस दौरान एक दूसरे श्रमिक 45 वर्षीय अमरीका गौतम पुत्र हरीलाल भी गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हे मेयो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
( बी बी जी राम जी की अदालत में जीवन से हार गया राम अदालत)
अभी हाल ही केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना के नाम को बदल कर विकसित भारत जी राम जी का नया नाम दिया है शनिवार को बीबी जी राम जी योजना मे काम करने गये राम अदालत की मौत मिट्टी मे दबकर हो गयी मृतक अविवाहित था तथा अपने पुत्र राममिलन की पुत्री फूलमती को गोद लिया था जिसका विवाह कर दिया था तथा एक 6 वर्षीय नाती वरदान है।

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