सहसवान में मंदिर की भूमि पर दबंग-माफियाओं का ‘खेल’, जिम्मेदार कौन,

मुकीम अहमद अंसारी

​सहसवान,बदायूं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार दबंग-माफियाओं पर नकेल कसने का दावा करती है, लेकिन तहसील सहसवान के ग्राम ईसापुर नवादा में इसके उलट तस्वीर सामने आ रही है। यहां के मोहल्ला गोपालगंज स्थित मंदिर की बेसकीमती भूमि पर दबंग-माफियाओं और कथित भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ का मामला गरमाता जा रहा है।
​क्या है पूरा मामला?
​ग्राम ईसापुर नवादा के अंतर्गत आने वाली गाटा संख्या 40 (रकवा 0.784 हेक्टेयर) राजस्व अभिलेखों (जिल्द बंदोबस्त) में ‘श्री राम जी महाराज’ के नाम दर्ज है। आरोप है कि:
​कुछ भू-माफियाओं ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अभिलेखों में हेरा-फेरी की।
​मंदिर की इस पवित्र भूमि पर अवैध रूप से अपना नाम अंकित करा लिया।
​अब इस जमीन को प्लाटिंग (अवैध कॉलोनी) के रूप में बेचने की तैयारी जोरों पर चल रही है।
​प्रशासनिक उदासीनता पर उठते सवाल
​स्थानीय समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि उन्होंने इस भूमि को बचाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर तहसील स्तर के अधिकारियों तक कई बार लिखित शिकायतें कीं।
​”हमने मुख्यमंत्री पोर्टल (आइजीआरएस) पर भी कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला या फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आखिर योगीराज में भी इन भ्रष्ट अधिकारियों और दबंग-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं ” — स्थानीय निवासी
​ज्वलंत सवाल: इसका जिम्मेदार कौन,
​इस प्रकरण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं :
​जब जमीन भगवान के नाम दर्ज थी, तो किसके आदेश पर निजी नाम चढ़ाए गए
​मुख्यमंत्री पोर्टल पर बार-बार शिकायत के बाद भी जमीनी स्तर पर कार्रवाई शून्य क्यों है?
​क्या सहसवान के जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर इन दबंग-माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं?
​धार्मिक आस्था और सरकारी संपत्ति से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब जनता आर-पार की लड़ाई के मूड में है। देखना यह होगा कि शासन इस पर संज्ञान लेकर जांच बिठाता है या दबंग-माफिया मंदिर की भूमि को ‘निगलने’ में कामयाब हो जाते हैं।

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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