बाराबंकी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के अभियान को कुछ पुलिसकर्मी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे है। हद तो यह कि खाकी डंडे के बलबूते किसी से भी मुंह मांगा पैसा वसूल लेने का दुस्साहस भी इन दिनों शबाब पर है। हाल ही में नगर के एक व्यवसाई से एक दबंग से मिलकर डरा धमकाकर पुलिस द्वारा पैसा वसूला जाना इसका जीवित प्रमाण कहा जा सकता है। घटनाक्रम कुछ बताया जाता है कि विगत 7 मई को शहर के मोहल्ला सत्यप्रेमी नगर निवासी देशराज सोनी के घर अपने एक साथी के साथ अचानक आ धमके। मोहल्ला रसूलपुर मैनपुरी गली निवासी नीरज त्रिवेदी ने उनसे 50,000 रुपए गुंडा टैक्स की मांग की। जिसे देने से मना करने पर नीरज ने देशराज को देख लेने की धमकी दी और वहां से चला गया। इसके बाद 12 मई को नीरज ने सिटी पुलिस चैकी मे अपनी पत्नी से देशराज के विरुद्ध फर्जी प्रार्थना पत्र दिलवाकर उसको पकड़वा दिया। बताते हैं सिटी चैकी पुलिस ने देशराज के साथ काफी बदसलूकी की। यहां तक कि पट्टे से उसको काफी मारा पीटा गया और 50000 की मांग की गई। उसके बाद असहाय अवस्था में देशराज ने अपने एक मित्र के माध्यम से मजबूरन 15 हजार मंगवाकर पुलिस को दिए जिसके बाद उसको छोड़ा गया। लेकिन पुलिस वालों ने जाते जाते उससे एक तहरीर में हस्ताक्षर करवा लिए तथा 15 मई को पुनः 5000 देने की बात कही। यह भी कहां कि जो दिया सो दिया अब रकम पूरी 50 हजार देने है। चाहो तो किस्तों में भी अदा कर सकते हो और अगर कहीं पर शिकायत की तो खैर नहीं। उसके बाद काफी चोट खाया हुआ देशराज किसी प्रकार गिरते पड़ते अपने घर पहुंचा रात भर दर्द से परेशान रहा इसके बाद अगले दिन उसने उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित कर अपनी पीड़ा बयान करते हुए न्याय की गुहार लगाई। इस समय उसका परिवार पूरी तरह दहशत के माहौल में हैं क्योंकि पुलिस उसको बेगुनाही के आलम में बुरी तरह टॉर्चर करने में कोई कसर जो नहीं छोड़ी है। देखना यह है कि पीड़ितों को न्याय देने के लिए कृतसंकल्प प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार देशराज सोनी के पक्ष मे दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाही करती है।
अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स

