ट्रस्ट की बैठक में बड़े फैसले, 22 जुलाई को होगी अगली बैठक; अफवाहों से बचने की अपील
शमीम अंसारी बाराबंकी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि कुछ लोग रामभक्तों के बीच अविश्वास और विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या दुष्प्रचार पर विश्वास न करें और किसी भी शंका की स्थिति में सीधे ट्रस्ट कार्यालय से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को मंदिर की किसी वस्तु, दान या व्यवस्थाओं को लेकर कोई संदेह है तो वह ट्रस्ट कार्यालय आकर जानकारी प्राप्त कर सकता है। अधिकृत व्यक्तियों को संबंधित अभिलेखों और वस्तुओं का सत्यापन भी कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी के दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी। एसआईटी मामले की जांच कर रही है और ट्रस्ट को न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने समाज से शांति, धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह का हिस्सा न बनें।
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी। तब तक एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई, व्यवस्थागत सुधार और अन्य न्यासियों की नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ न्यासी के. परासरन ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक के अंत में ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।इस दौरान स्वामी गोविंद देव गिरि ने महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 32 वर्षों से चंपत राय को जानते हैं और उनका पूरा जीवन राम जन्मभूमि आंदोलन तथा मंदिर निर्माण के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि चंपत राय की सबसे बड़ी भूल अपने निकट सहयोगियों पर आवश्यकता से अधिक भरोसा करना रही। उनके अनुसार चंपत राय की नीयत पर कोई सवाल नहीं है, हालांकि उनसे लापरवाही अवश्य हुई है।बैठक में ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी तथा सुरेश हवारे को शामिल किया गया है। सुरेश हवारे पूर्व में करीब दस वर्षों तक शिरडी संस्थान का सफल संचालन कर चुके हैं। यह समिति संभावित उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर उपयुक्त नाम ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेकर नए सदस्यों की नियुक्ति करेगा।

