अब अमेरिका को याद आ रहे हैं चीनी मुसलमान, चीन की 11 और कंपनियों पर लगा प्रतिबंध, लेकिन क्यों?
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
चीन और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच वॉशिंग्टन ने बीजिंग के ख़िलाफ़ अपनी शत्रुतापूर्ण नीतियों को आगे बढ़ाते हुए 11 चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
समाचार एजेंसी इर्ना की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय ने 11 चीनी कंपनियों पर मानवाधिकार का उल्लंघन करने और चीन के पश्चिमी इलाक़े सिनकियांग में उइगर मुसलमानों के अधिकारों के कुचले जाने की बात करते हुए प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका के वाणिज्य सचिव विल्बर रॉस ने एक बयान में कहा, “बीजिंग सक्रिय रूप से अपने नागरिकों को दबाने के लिए जबरन श्रम और अपमानजनक डीएनए संग्रह और विश्लेषण योजनाओं की निंदनीय प्रथा को बढ़ावा देता रहा है। यह कार्रवाई सुनिश्चित करेगी कि हमारे माल और प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की रक्षाहीन मुस्लिम अल्पसंख्यक आबादी के ख़िलाफ़ अपमानजनक हमले में न हो।”
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने उन 11 कंपनियों को एक व्यापार ब्लैकलिस्ट में शामिल किया। लगभग 50 चीनी संस्थाओं को इस सूची में शामिल किया गया है और उन्हें अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया है। प्रतिबंधित कई गई कंपनियों में, चांगजी एस्क्वाल टेक्सटाइल कंपनी लिमिटेड, हेफ़ेई बिटलैंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड, हेफ़ेई मीलिंग कंपनी लिमिटेड, हेटियन हैओलिन हेयर एक्सेसरीज़ कंपनी लिमिटेड, हेटियन टेडा अपैरल कं। कपड़ा कंपनी लिमिटेड, नानचांग ओ-फिल्म टेक और तान्युआन प्रौद्योगिकी कं लिमिटेड, शामिल हैं।
दूसरी ओर चीन ने एक बार फिर अमेरिका अधिकारियों के इस तरह के सभी आरोपों का खारिज कर दिया है। यह तीसरी बार है कि कि जब अमेरिका ने सिनकियांग इलाक़े की बात करके चीन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है। याद रहे कि ट्रम्प जब से अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं वह लगातार चीन के ख़िलाफ़ कार्यवाहियां करते रहे हैं विशेषकर चीनी व्यापार के ख़िलाफ़ उन्होंने आरंभ से ही अपना कड़ा रुख अपना रखा है।

