शत्रु शुभचिंतक भी है उदार श्री राम: प्रलयंकर

कुलदीप कुमार शर्मा संवाददाता तहसील नवाबगंज बाराबंकी की रिपोर्ट

हैदरगढ़ बाराबंकी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की उदारता विश्व विख्यात है। उन्होंने अपने शत्रु रावण का हित भी बार-बार चाहा। सत्य है कि शत्रु शुभचिंतक भी हैं हमारे आराध्य श्री राम। उक्त बात मानस मर्मज्ञ एवं प्रसिद्ध कवि रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी प्रलयंकर ने ब्रह्मलीन बाबा प्रेमदास कुटी पर महंत बाबा लालता दास जी के संयोजन में आयोजित मानस सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा भगवान श्री राम की महिमा इतनी है कि अंगद भी जब दसानन के समक्ष जाते हैं तो वहां पर उनके पैरों को शत्रु दल हिला तक नहीं पाता। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ऐसी भूमि है जहां की बेटियां यमराज से भी अपने पति के प्राणों को छीन लेती है। रामेश्वर द्विवेदी ने इस अवसर पर अपने स्वरचित छंद सुनाए जिसे सुनकर भक्तजन भाव विभोर हो गए। सम्मेलन में पंडित अजय शास्त्री ने कहा कि श्री रामचरितमानस की प्रत्येक चैपाई वास्तव में मंत्र है। जहां भी श्री राम जी का नाम आता है वहां कुछ ना कुछ भगवान की लीला जरूर होती है। शास्त्री ने आज भगवान राम सहित चारों भाइयों की बाल लीला का वर्णन किया। इस मौके पर मानस सम्मेलन में आज प्रमुख रूप से छोटे महराज रामतीर्थ दास, सरोज कुमार वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया, सोनू बाजपेयी, विनोद कुमार, तेज कुमार सिंह, सच्चिदानंद मिश्र, राज नारायण मिश्र, बाबा सालिकराम महाराज, बाबा राम दास जी महाराज, राजवती द्विवेदी, श्यामसुंदर मिश्रा, आसाराम धीर, पन्नालाल, सुंदर त्रिवेदी, प्रेम गुप्ता, राकेश लोधी, विष्णु सोनी, रघुनाथ पाल सहित तमाम भक्तजन उपस्थित थे।

कुलदीप कुमार शर्मा संवाददाता तहसील नवाबगंज बाराबंकी की रिपोर्ट

 

 

 

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