यातायात पुलिस……….ओ पता नहीं वो कौन सा नशा करती है?

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8004283330

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परिवहन विभाग की बस सवारियाँ लेकर दो मिनट में लखपेड़ाबाग (बाराबंकी) से वेव सिनेमा (पाॅलीटेक्निक, लखनऊ) तक पहुँची। -अपने चहेतों की गलती पर पर्दा डाल रहे हैं आला हाकिम

बाराबंकी। मोदी सरकार व योगी सरकार आम जन समस्याओं को देखते हुए दिन प्रतिदिन जनहित में कदम उठाने में कोई कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और आम जनमानस को कोई समस्या न हो इसके लिए ई चालान जैसी तमाम सुविधाओं को जनता के लिए किया गया हैं लेकिन जहाँ सुविधा तो वही असुविधाओं का भी बोलबाला है इसी असुविधा के लिए कहि न कही सरकार ही कोसी जाती है और भृष्ट अधिकारीओ द्वारा अपने ओहदे का नाजायज फायदा उठाकर सरकार की मंशा पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहें


ताजा मामला बाराबंकी का हैं जहां पुलिस का नया कारनामा परिवहन विभाग की बस सवारियाँ लेकर दो मिनट में लखपेड़ाबाग (बाराबंकी) से वेव सिनेमा (पाॅलीटेक्निक, लखनऊ) तक पहुँची।
आपको क्या मालूम कि बाराबंकी की पुलिस ‘‘ओ पता नहीं वो कौन सा नशा करती है’’ जिसकी जानकारी आम जनता को नहीं है। बाराबंकी पुलिस वैसे भी नये-नये कारनामांे के लिए विख्यात है, यही पुलिस कभी मित्र जाती है तो कभी अवैध धन उगाही तो कभी जिन्दा को मुर्दा आदि तरह-तरह के कारनामें करती रहती है जिससे जनता में खूब जग हसांई होती है। इसीक्रम में नया चैकाने वाला खुलासा देखिए-गाड़ी संख्या-यू0पी0 41 ए0टी0-014…. दिनांक 07.01.2021 को समय 14.46 पर पाॅलीटेक्निक चैराहा, लखनऊ में और चालान किया जाता है बाराबंकी के लखपेड़ाबाग चैराहे पर दिनांक 07.01.2021 को समय 14.44 बजे, अब आप ही बताइए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में ऐसी कौन सी बस आ गई जो हवाई जहाज से भी तेज चलती है वह भी मात्र दो मिनट में लखनऊ से बाराबंकी पहुंच जाती है। यह एक विचारणीय प्रश्न है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित तहसील हैदरगढ़, जनपद बाराबंकी की बस उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन से अनुबंधित है बाराबंकी से आवागमन करती है, जिसका यातायात पुलिस द्वारा ई-चालान दिनांक 7 जनवरी 2021 को कर दिया गया था, जबकि उस समय उपरोक्त बस लखनऊ में थी। ई-चालान लखपेड़ाबाग,बाराबंकी में किया गया है और मोबाइल नम्बर पर संदेश दिनांक 8 जनवरी 2021 को आया था, तब पीड़ित के संज्ञान में आया और उसने ड्राइवर व कण्डेक्टर से जानकारी की तो पता चला कि बस तो लखनऊ थी और ई-चालान लखपेड़ाबाग में किया गया। जिसके समस्त साक्ष्य पीड़ित के पास उपलब्ध हैं। पीड़िता ने इस सम्बंध में कई चक्कर पुलिस लाइन बाराबंकी के लगाये और उसके बाद थक हारके पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से फरियाद किया किन्तु अपने अधीनस्थों को बचाते रहे और पीड़ित के साथ कोई इंसाफ नहीं कर पाये।
इस तरह के ई-चालान जनपद में भारी संख्या में किये गये हैं, जब कोई फरियादी कार्यालय जाता है तो वहंा बैठे कर्मचारी खुलेआम कहते हैं कि यह चालान तो सही किया गया है इसमें कुछ नहीं होगा आपको पूरा जुर्माना जमा करना पड़ेगा, जब पीड़ित वहां से आने लगता है तो उसको कर्मचारियों द्वारा फिर बुलाया जाता है और कहा जाता है कि इसमें एक जुगाड़ है लेकिन आपको खर्चा देना होगा, फिर शुरू होती है अवैध वसूली। विश्वस्त्र सूत्रों से पता चला है कि वहां पर कई तरह के दलाल भी बैठे रहते हैं जो अपने आपको साहब का खास बताते हैं और मामले को आधे से भी कम में निपटाने की गारंटी लेते हैं।
अब देखना है कि क्या यातायात पुलिस इसी तरह जनता को शिकार बनाती रहेगी या ई-चालान का अधिकार सिर्फ जानकार सक्षम अधिकारी को दिया जायेगा या पुलिस की गलती का खामियाजा भुगतती रहेगी जनता? यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

क्या कहा पुलिस अधीक्षक बाराबंकी ने

वही इस संदर्भ में बाराबंकी के नवागत तेज तर्रार,ईमानदार पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद से बात की गई तो बताया कि जांच करके उचित कार्यवाही की जाएगी।

संपादक मोहिनी शर्मा एडवोकेट एसएम न्युज24 टाइम्स 8004283330

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