दस साल बाद आई शिक्षक सँगठनो को मृतक आश्रित की याद: जुबेर

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

बाराबंकी। शिक्षक संगठन ने कभी मृतक आश्रितों के बारे में सोचा ही नही ना उनके लिए कभी लड़ाई लड़ी। आज मृतक आश्रित कर्मचारी संगठन ने जब मृतक आश्रित की लड़ाई को लड़ कर अपनी फाइल को आखिरी पायदान पर पहुंचा दिया और शिक्षक संगठनों को लगने लगा कि मृतक आश्रित को उनकी योग्यतानुसार पद मिल जाएगा तब क्या था डालने लगने अपने मांग पत्र में उनकी मांग और जब आदेश निर्गत हो जाएगा तो बता देंगे शिक्षक समाज को उनकी एक मांग पूरी हो गई। झूठ की राजनीति ज्यादा दिन नही रहती। शर्म करिये समय रहते लड़ा होता तो कभी मृतक आश्रित का मुद्दा ही ना होता। आज शिक्षक संगठनों को अपने दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवार वालो बारे में बहुत चिंता हो रही है क्योंकि पिछले एक महीने में लगभग 800 से 900 शिक्षक एक साथ सेवाकाल में दिवंगत हो गए क्योंकि अब राजनीति का समय आया है तो संगठन खूब शोर मचाएंगे सोशल मीडिया पर एक से एक ज्ञापन बनाया जाएगा और पेपरों में खबर लगवाई जाएगी और सोशल मीडिया पर उसको दिखाया जाएगा कि देखो हमने कितना बड़ा तीर मार दिया और पूरी हनक से कहा जायेगा कि दिवंगत शिक्षक के आश्रित को योग्यतानुसार पद दिया जाए। मेरा एक सवाल उन शिक्षक नेताओ से आपने कभी सोचा है कि पूरे साल में लगभग इतने शिक्षक सेवाकाल में दिवंगत हो जाते है आप लोगो ने कभी सोचा कि उन परिवार वालो तथा उनके आश्रितों का क्या हाल है किस परेशानी से उनका परिवार चल रहा है आप लोगो ने कभी सोचा कि वो दिवंगत शिक्षक जिसने आपके संगठन को खूब चंदा दिया उसका आश्रित अपने मान सम्मान को मारकर आज पी एच डी ,बी टेक् बी एड, एम बी ए, करके चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी क्यों बन गया। कभी सोचा कि उस शिक्षक की बेटियों की पढ़ाई तथा उनकी शादी तथा अन्य खर्चे कैसे पूरे होते होंगे। आप लोग कभी नही सोचेंगे ये सब बातें क्योंकि ये बुरा समय आप पर पड़ा नही है ना आपको इस दर्द का एहसास है। भगवान ना करे कभी ये समय आप पर पड़ेगा तो इसका एहसास आपके आश्रितों को जरूर होगा।

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

 

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