सुबेहा पुलिस का कारनामा, पत्रकार बन्धुओं को किया अपमानित एक को भेजा जेल, सीएम से शिकायत
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500
बाराबंकी। थाना सुबेहा पुलिस के खिलाफ न्यूज चैनल के दो पत्रकारों को न्यूज चलाना काफी महंगा पड़ गया। गत् दिनों एक मारपीट की घटना को कवरेज करने गये दोनो भाईयों को सुबेहा पुलिस ने जमकर मारापीटा और उसके बाद हवालात में बंद कर दिया। देर रात थाना प्रभारी ने बडे़ भाई को तो छोड़ दिया और छोटे भाई के ऊपर थाने के एसआई द्वारा मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया। पीड़ित भाईयों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियांे के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्रीय पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, बीती 5 मई की शाम को थाना सुबेहा के पलिया गेरावां मार्ग पर स्थित अम्बिका मार्केट में दो पक्षों के बीच मारपीट हो रही थी। मारपीट की सूचना मिलने पर इसी थाना क्षेत्र के ग्राम बरजोरपुरवा निवासी एक न्यूज चैनल के जिला संवाद्दाता महेन्द्र प्रताप सिंह और उसका छोटा पत्रकार भाई सूर्य करन सिंह घटनास्थल पर पहुंच गये और मारपीट का वीडियो बनाने के साथ साथ स्थिति की जानकारी करने लगे। इसी बीच जब सुबेहा पुलिस को उक्त घटना की जानकारी हुई तो मौके पर हल्का दरोगा जितेन्द्र राज और चन्द्रकांत सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे इन पुलिसकर्मियों ने मारपीट करने वाले व्यक्तियो को तो कुछ नही कहा उलटा दोनो पत्रकार बन्धुओं को ही अपशब्दों का प्रयोग करते अपमानित करने लगे। जब इन पत्रकारों ने कहा कि हम लोग तो सिर्फ समाचार कवरेज करने आये हैं इस लड़ाई से हम लोगों को कोई लेना देना नही है। इसी बात पर दोनो उपनिरीक्षकों ने दोनो पत्रकार बन्धुओं को पकड़कर थाने ले आयी पुलिस की पिटाई से महेन्द्र सिंह के हाथ का अंगूठा फैक्चर हो गया। उसके बाद पुलिसकर्मियों ने दोनो पत्रकारों को हवालात में डाल दिया। देर रात थाना प्रभारी संतोष कुमार ने दोनो पत्रकार बंधुओं को हवालात से बाहर निकाला और यह कहा कि अगर समझौता करना चाहते हो तो कर लो नही तो पुलिस से खिलाफत काफी महंगी पड़ेगी। बाद में थाना प्रभारी ने महेन्द्र प्रताप सिंह को तो थाने से छोड़ दिया लेकिन उसके छोटे भाई सूर्य करन सिंह को दूसरे दिन 6 मई को उपनिरीक्षक ने खुद थाने में सरकारी काम में बाधा सहित गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा करके जेल भेज दिया। घटना के बारे में पीड़ित पत्रकारो का कहना है कि एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज करने से पहले उच्च स्तरीय जांच करवायी जाये और जांच के बाद ही कोई कार्यवाही की जाये। लेकिन सुबेहा थाना प्रभारी व उनके अन्य सहयोगियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश तक को नही माना। वहीं दूसरी तरफ इस घटना के सम्बन्ध में थाना प्रभारी संतोष कुमार का कहना था कि दोनो पत्रकारों ने पहले मारपीट की थी इसके बाद जब मारपीट की सूचना मिलने के बाद थाने की पुलिस वहां पर पहुंची तो इन पत्रकारों ने उपनिरीक्षक व अन्य लोगों से बदसलूकी भी की। वहीं उक्त घटना के बाद से पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। गांधी भवन में पत्रकार कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला की अध्यक्षता में एक बैठक की गयी। बैठक में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पुलिस अधिकारियों से यह मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जाये और पत्रकारों के साथ जो अभद्रता सुबेहा पुलिसकर्मियों ने की है उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही की जाये। श्री शुक्ला ने यह भी चेतावनी दी है दी है कि अगर एक पखवारे के अन्दर पीड़ित पत्रकारों को न्याय नही मिला तो पत्रकार धरना प्रदर्शन को मजबूर होंगे। बैठक में अनिल यादव, मनीष सिंह, पाटेश्वरी प्रसाद, दीपक सिंह सरल, संतोष गुप्ता, रामसरन मौर्या, मो. अबसार, प्रमोद यादव, नृपेन्द्र तिवारी, शेर बहादुर शेरा, आशीष गुप्ता, मो. रजी जैदी, अदीब किदवाई आदि पत्रकार मौजूद थे।
बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

