आंकड़ों से खेलना बंद करें योगी सरकार,शिक्षक संघ की सूची स्वीकारे ……आप
अब्दुल एडवोकेट व डॉ0 मो0 शब्बीर की रिपोर्ट
चुनाव ड्यूटी में संक्रमित होकर दम तोड़ने वाले शिक्षकों के आश्रितों को मिले सरकारी नौकरी और एक करोड़ मुआवजा…. जिलाध्यक्ष
भेलसर(अयोध्या)आम आदमी पार्टी देहात के जिलाध्यक्ष डाक्टर शौकत अली शाही ने कहा कि अभी हाल ही में सम्पन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण की जद में आकर दम तोड़ने वाले सैकड़ों शिक्षा कर्मियों के पारिवारीजनो की भावनाओं से खेलना बंद करके योगी सरकार और सरकार को प्राथमिक शिक्षक संघ की सूची स्वीकार करनी चाहिए।1621 लोगों की सूची के सापेक्ष पहले 3 और अब 1200 लोगों की मौत का आंकड़ा जारी करने की जगह सरकार सभी शिक्षकों के परिवारों को सरकार से 1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग आम आदमी पार्टी करती है।शुक्रवार को यह बातें जिलाध्यक्ष डाक्टर शाही ने कहीं।उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले ही सरकार से एक करोड़ रुपये के मुवावजा देने की मांग उठाई थी।उक्त धनराशि सहित पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की थी।सैकड़ों मौतें योगी सरकार की चुनावी जिद के परिणाम स्वरूप हुईं हैं।लेकिन कोरोना संक्रमण के बीच पंचायत चुनाव कराकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भयंकर महामारी को गांव-गांव तक फैलाकर अब इसे छिपाने में लगे हुए है।उन्होंने कहा कि सीएम की जिद के कारण सैकड़ों परिवार का जीवन खतरे में पड़ा।जबकि हाईकोर्ट भी योगी सरकार को इस जिद के लिए लताड़ लगा चुका है कि चुनावी ड्यूटी के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का सही तरीके से निर्वाहन नहीं किया गया।सामने आया है कि राज्य निर्वाचन आयोग की लापरवाही के कारण कई शिक्षामित्र,आशा बहु,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि की मौत हो चुकी है और उनके परिवार के लोग सांसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।आम आदमी पार्टी शिक्षामित्रों और कर्मचारियों के साथ खड़ी है।जिन कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुई है उनके परिजनों को सरकारी नौकरी और एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी दी जाए।जिला अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि कर्मचारियों के संक्रमित परिजनों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए।इसी क्रम में पार्टी के पदाधिकारी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें भरोसा दे रहे हैं कि उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई में पार्टी उनके साथ है। मुख्यमंत्री से अपील है कि अगर उनमें जरा भी संवेदना शेष है तो पंचायत चुनाव में महामारी का शिकार होने वाले शिक्षकों के परिवारों का मजाक बनाना बंद करके वह आंकड़ों का यह खेल बंद करें।शिक्षक संघ की 1621 शिक्षकों की सूची स्वीकारते हुए सभी परिवारों को 30 लाख की जगह एक करोड़ का मुआवजा और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की अविलंब घोषणा करें।

