माननीय से माफिया बन, जमीन हड़पना चाहते हैं एमएलसी व उनके गुर्गे

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

अब सच प्रकाशित करने वालों की खैर नही!, उदासीनता के कारण पत्रकारों में रोष!

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

 बाराबंकी। एक तरफ योगी सरकार गुण्डे, माफियाओं को सुधारने का काम कर रही तो वही बाराबंकी जनपद में किसान की बेशकीमती भूमि को हड़पने के लिए सपा एमएलसी राजेश यादव उर्फ राजू यादव के रिश्तेदार पहुंच व बंदूक के दम पर किसान के समर्थन में खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकारों दे रहे हैं जान से मारने की धमकी। वहीं समाजवादी पार्टी के एमएलसी के गुर्गों का भौकाल देखकर सत्तापक्ष भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता भी माफियाओं के आगे नतमस्तक हो गये हैं। मामला मयूर बिहार काॅलोनी की जमीन का, जिसमें 3 नामजद तथा 1 अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ किन्तु कार्यवाही अभी भी शून्य है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मयूर बिहार काॅलोनी में चमड़ा मिल से लगी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। जिसमें सपा के एक एमएलसी के रिश्तेदारों पर जमीन मालिक बंकी कस्बा निवासी कठैत परिवार द्वारा पुलिस में की शिकायत पर हो रही कार्रवाई को लेकर जमीन मालिक की मानें तो सपा के एमएलसी द्वारा खरीदी जमीन से अलग मकान बनवाने व उसके अलावा भी अन्य जमीन पर अपने दबदबे का प्रयोग कर कब्जा जमाने का प्रयास उस समय सामने आया जब जमीन मालिक कठैज परिवार जेसीबी लगवाकर अपनी जमीन का समतलीकरण व साफ-सफाई करवा रहा था। मामले में कोतवाली नगर प्रभारी पंकज सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जमीनी मामले में सामने आए विवाद में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506 एवं 427 अंतर्गात भूपेंद्र यादव, अंकुर यादव, दीपू यादव व तीन अन्य अज्ञात दर्ज कर ली गई है।
बताते चलंे कि उक्त भूमि का विवाद लंबे समय से एमएलसी से इतर दूसरे बाहुबलियों के कब्जे के प्रयास में तीन दशकों से सुर्खियों में है। यहां कभी चमड़ा मिल हुआ करती थी जिससे लगी तमाम जमीन कठैत परिवार के बताए अनुसार उनका फार्म हाउस रहीं। जिसपर पहले सूबे के बाहुबली धनंजय सिंह व जनपद के कई भूमाफियाओं का नाम सामने आये थे। जमीन औद्योगिक जमीन में होने के बावजूद इस पर मकान कैसे बने और इसका बैनामा व दाखिल खारिज कैसे हुआ। वहीं तीन दशक बाद भी ग्राम सामज की 12बीघा से अधिक जमीन आखिर राजस्व विभाग क्यों नहीं ढ़ंूढ़ पाया? फिर हरित पट्टी पर निर्मित मोटल पर अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कठैत परिवार की पीड़ा सही मानें तो उनके नाम जमीनी दस्तावेजों में एक लाख वर्ग मीटर के करीब से अधिक जमीन होना चाहिए। लेकिन मौके पर कोर्ट द्वारा वर्ष 2018 में हुए समझौते अनुसार राजस्व विभाग पक्की नपाई में 50हजार वर्ग मीटर जमीन ही चिन्हित कर पाया। उसमें भी अब सपा के वरिष्ठ नेता के रिश्तेदार जबरन कब्जा करने की फिराक में बाहुबल व रसूख का प्रयोग कर रहे हैं।

पत्रकारों को मिल रहीं हैं जान से मारने की धमकी


बाराबंकी। बताते चलें कि भूमाफियाओं व बाहुबलियों के हौसले इतने बुलंद हो गए है कि जहां इन्हीं लोगों द्वारा जहां गांधी भवन स्थित एक अखबार के कार्यालय में घुसकर वहां उपस्थित पत्रकारों से बदसूली का मामला चार-पांच वर्ष पूर्व सुर्खियों में रहा और काफी खबरे प्रकाशित होने के बाद मामला सुलह समझौते से समाप्त हो गया। लेकिन जारी जमीनी मामले में हुए विवाद पर खबर प्रकाशित करने पर अपने आपको कथित सपा नेता का करीबी बताते हुए पत्रकार को धमकी देते हुए इन्हीं लोगों ने खबर न प्रकाशित करने का दबाव बनाया। जब पत्रकार ने जमीन के पेपर वाटसअप करने को कहा तो कोई जवाब नहीं आया। माफियाओं द्वारा धमकियां कई पत्रकारों को दी गई हैं वहीं प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही न करने से काफी रोष व्याप्त है।

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

 

Don`t copy text!