मोमिन का हक मारना अल्लाह का हक मारना है

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 04/07/2021

बाराबंकी। दुनियां में मोमिन का हक मारने वाले को कयामत के दिन पछ्ताना होगा वहां कोई यावरो मददगार न होगा बल्कि नेकियां भी गुनाह में तब्दील हो जायेंगी। यही नहीं हुक्मे परवर दिगार से एक फरिश्ता पुकार पुकार कर लोगों को मुत वज्जेह करेगा देखो देखो यही है जिसने खुदा का हक दुनियां में गज्ब किया था। यह बात मौलाना गुलाम अस्करी हाल में मज्लिसे तरहीम बराए ईसाले सवाब मरहूम सै0मो0 मेहदी हसन इब्ने सै. अबरार हुसैन, मर्हूमा शहनाज बानों बिन्ते अली अब्बास को खिताब करते हुये हुज्जतुल इस्लाम आलीजनाब मौलाना वसी हसन खान साहब ने कही। मौलाना ने यह भी कहा कि मोमिन का हक मारना अल्लाह का हक मारना है। जो किसी बंदे पर जुल्म करता है अल्लाह उसका अपने घर में आना पसन्द नहीं करता। जिसे अल्लाह पसन्द नहीं करता मोहम्मद व आले मोहम्मद भी उसे पसन्द नही करते। तकवा अख्तियार करो और सच्चों के साथ हो जाओ। वाजिब छूटने न पाये हराम पर अमल ना हो यही तकवा है। एक लुक्मा हराम छोड़ना दो हजार मुस्तहब नमाज के बराबर है। फितना फैलाना कत्ल से बड़ा गुनाह है, इससे हमेशा बचो। आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किये जिसे सुनकर सभी रोने लगे। मजलिस से पहले डा. रजा मौरान्वी ने पढ़ा- मेरी दुनियाँ गमे हुसैन है और इश्के अली, मुझको मालूम नहीं कौन कहाँ है क्या है। मौलाना मोहम्मद रजा जैदपुरी ने पढ़ – किसी भी दौर में बय्यत का पौधा खिल नहीं पाया, बसी है आज भी शब्बीर के इंकार की खुशबू। सईद जैदपुरी ने पढ़ा-नजदीक थे गदीर में फिरभी न सुन सके, जो कुछ कहा रसूल ने हैदर की शान में । हैरत है दूर रह के बड़े गौर से सुना ,जो कुछ कहा रसूल ने अबूतालिब के कान में । कशिश संडीलवी ने पढ़ा – फतहे हो सकते हैं लश्कर तीर और तलवार से, दिल मगर जीते नहीं जाते छुरी तलवार से। अजमल किन्तूरी ने पढ़ा-क्या निदामत है हुर है दरे सर वर पा मगर, अपना सर अपने गरीबान में डाले हुए है। मुजफ्फर इमाम ने पढ़ा-ये भी अपनी जगह तबर्रा है, हर बुराई से फासला होना। मेहदी बाराबंकवी ने पढ़ा-तुम अपने आप को मीजाने हक पे रख के खुद देखो, अमल की राह में तुमने कदम कितना बढाया है। हाजी सरवर अली रिजवी ने पढ़ा-शमशीर बोली मौका है कर लो सही अमल, क्या होगा जो मैं आखरी रहबर से मिल गई। इसके अलावा फराज जैदी व गाजी इमाम ने भी नजरानए अकीदत पेश किया। मजलिस का आगाज तिलावते कलामे इलाही से मो. रजा जैदी ने किया बानिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया।

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 04/07/2021

 

 

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