महात्मा के शव को दफनाने को लेकर उपजा विवाद पुलिस ने मामला कराया शान्त
मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489
सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। मंदिर परिसर में मृतक महात्मा के शव को दफनाने को लेकर हुए विवाद में पुलिस के पहुंचने के बाद किसी तरह शव को दफनाया जा सका है। कोतवाली बदोसरांय क्षेत्र के बरौलिया गांव के मध्य एक राम जानकी मंदिर स्थित है जहां के महात्मा सत्यनाम दास जिनकी उम्र करीब एक सौ वर्ष थी। उनका निधन बुधवार की सुबह हो गया। मृतक महात्मा की इच्छा के अनुसार उनका शव मंदिर परिसर में ही उनके गुरु की समाधि के समीप ही दफनाया जाना था दोपहर शव को दफनाने की तैयारी चल रही थी इसी बीच मंदिर के मौजूदा महंत रामअवध दास व उनके दो बेटों अमित एवं शिवा ने मृतक महात्मा के शव को मंदिर परिसर में दफनाने का विरोध किया। कहासुनी के बाद गांव वालों के मध्य तनाव हो गया। मामला मारपीट तक पहुंच गया। मामले की सूचना पीआरवी को दी गई उसके प्रयास के बाद भी मामला नहीं सुलझ सका। तो कोतवाली पुलिस के पहुंचने के बाद मामला सुलझ सका। मंदिर परिसर में ही मृतक के शव दफनाने को लेकर पूरा गांव एक तरफ था जबकि मौजूदा महंत व उसके बेटे एक तरफ थे कोतवाली पुलिस ने मृतक महात्मा के शव को मंदिर परिसर में ही दफन करवाया। प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह ने बताया की दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शव को दफना दिया गया है।
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