ईष्वर की भक्ति से ही जीव को मुक्ति मिलती है : रामहेतु
नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211
श्रीमद्भागवत कथा में बोले कथावाचक
मसौली बाराबंकी। भक्ति में बड़ी शक्ति होती है। भक्ति अमूल्य निधि है, जिसमें भक्त और भगवान एक दूसरे के करीब आ जाते हैं। इसके बिना ईश्वर को प्राप्त नहीं किया जा सकता। उक्त विचार मंगलवार को ग्राम सिसवारा स्थित दिगम्बर नाथ मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा अमृत वर्षा में कथावाचक रामहेतु यादव ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भक्ति के भवसागर में गोते लगाकर भक्त को असीम सुख का अनुभूति होती है और ईश्वर की भक्ति से ही जीव को मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि जब तक भक्त के अंतर्मन एवं विचार में सच्ची श्रद्धा नहीं होगी, तब तक प्रभु की कृपा प्राप्त नहीं हो सकती। भक्ति ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव है। मनुष्य की प्रभु के प्रति जैसी श्रद्धा होती है, उसी के अनुसार भक्त को प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। भंडारे में कांग्रेस नेता तनुज पुनिया, पूर्व प्रमुख यासिर अराफात किदवाई, भाजपा नेता अम्बरीष रावत, अमित कुमार वर्मा, अंशु सिंह वर्मा सहित तमाम भक्त मौजूद रहे।
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