हनुमान मंदिर व धनोखर चौराहा अवैध अतिक्रमण की चपेट में -पार्किग स्थल व रामसिंह मार्केट के बाहर दबंगों का कब्जा, नगर पालिका प्रशासन मौन, श्रद्धालुओं में गुस्सा
अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677
बाराबंकी। शहर का प्राचीन हनुमान मंदिर स्थित धनोखर चौराहा वर्तमान समय में भीषण अतिक्रमण की चपेट में है। अवैध अतिक्रमण के कारण लगता है जाम, कई राहगीर व आवश्यक सेवाओं की गाड़ियां फंस जाती हैं घण्टों जाम में। नगर पालिका प्रशासन सब कुछ देखकर भी आंखे बद किये हुए है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धनोखर चौराहे के पास स्थित दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकान से दुगनी जगह पर कब्जा कर रखा है और अतिक्रमण बरकरार रखने के लिए अपनी दुकनों का सामान सड़क के किनारे रख दिया है। मंदिर के बाहर तो अतिक्रमणकारियों ने बड़े-बड़े तख्त लगाकर सड़क को सकरा बना दिया है। कभी-कभी रास्ते में निकलने वाले वाहन इन तख्तों में टकरा जाते हैं जिससे अवैध कब्जेदार लड़ाई झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। कई दुकानदारों ने अपनी चार पहिया गाड़ी का स्टैण्ड बना लिया है। मालूम हो कि इस चौराहे पर कई पुलिसकर्मी व उच्चाधिकारी चौराहे पर आते हैं किन्तु अतिक्रमण हटाने की जहमत नहीं उठाते हैं, आम नागरिकों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस सम्बंध में कई श्रद्धालुओं ने बताया कि क्या बताये यहां तो भगवान के दर्शन करने से पहले काफी मशक्कत करनी पड़ती है, यहां तक गाड़ी खड़ी करने के लिए पार्किंग खाली ही नहीं मिल रही है।

पूरा शहर अतिक्रमण के चंगुल में जकड़ा हुआ नजर आ रहा है लेकिन नगर पालिका प्रशासन अपने चहेतों का कब्जा हटवाने में नाकाम नजर आ रहा है। वर्तमान समय में धनोखर चौराहा शहर का मुख्य चौराहा न रहकर मोहल्ले का सकरा चौराहा बन गया है। चौराहें की साफ सफाई ठीक से नहीं हो रही है कई दुकानदारों ने लोहे के एंगिल लगाकर दुकान से दुगनी जगह अपने कब्जे में कर लिया है और पार्किंग में काउण्टर रखकर दुकानदारी कर रहे हैं लेकिन न स्थानीय पुलिस कुछ कर पा रही है, न नगर पालिका प्रशासन। जबकि पुलिस की बैठक इसी चौराहे पर होती है। अगर आपको अतिक्रमण व भी दबंगई पर देखना हो तो धनोखर चौराहा आइए यहां की पार्किंग में रसूखदारों के चार पहिया वाहन आराम फरमाते हुए नजर आयेंगे, और आम जनता को पार्किंग की जगह नहीं मिलेगी।
शहर का निबलेट तिराहा, नाका सतरिख, घण्टाघर, पुलिस चौकी, नाका पीरबटावन पर लगने वाले अतिक्रमण को देखते हुए जिले के आला हाकिम तक जाते हैं लेकिन इस अवैध अतिक्रमण को हटवाने की जहमत नहीं उठाते हैं। जब कभी सफाई अभियान चलता है तो कुछ छुटभइया व्यापारी नेता अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए अवैध अतिक्रमण को हटने नहीं देते और अपना भी अवैध अतिक्रमण उनकी आड़ में बचा लेते हैं। शहर में लगने वाले जाम का मुख्य कारण अवैध अतिक्रमण है धनोखर चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर पर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को अमादा फसांद होकर मंदिर में दर्शन करना पड़ता है, कभी वाहन खड़े करने को लेकर बहस, तो कभी जगह न मिलने पर बिना वाहन के ही दर्शन करने पर मजबूर है।

अगर अवैध अतिक्रमण बिना भेदभाव के हटा दिया जाये तो शहर के जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अतिक्रमणकारियों से होती है वसूली वह भी सुनियोजित तरीके से जैसे मिठाई वाले से मुफ्त की मिठाई व नाश्ता, फूल वाले से मुफ्त के बुकें लेकर अधिकारियों को देना आदि तरह-तरह के हथकण्डे अपनाये जाते हैं। अब देखना है कि क्या अवैध अतिक्रमण इसी तरह लगता रहेगा या जनता को जाम की समस्या से निजात मिलेगी यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

